छेरता के मौके पर चावल नहीं लाने की बात पर हुआ था विवाद
अंबिकापुर। पत्नी की हत्या के मामले में सरगुजा पुलिस पुलिस चौकी कुन्नी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। छेरता में चावल नहीं लाने की बात पर विवाद होने के बाद आरोपी पत्थर से गंभीर चोट कारित कर महिला की हत्या कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक शिया दास निवासी कुन्नी तेन्दुघाट थाना लखनपुर ने 13 जनवरी को पुलिस चौकी कुन्नी में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसके सौतेले भाई देवचन्द्र दास की शादी मानकुंवर के साथ हुई थी। तीन माह पूर्व उसका बड़ा भाई विष्णु दास अपनी भाभी मानकुंवर को अपने साथ में रख लिया था। भाई विष्णु दास और मानकुंवेर दोनों साथ में तेन्दुघाट में रह रहे थे। विष्णु दास शराब पीने का आदी था और शराब पीकर मां और उसके साथ गाली-गलौज करता था। वहीं हमेशा शराब पीकर अपनी पत्नी मानकुंवर के साथ भी मारपीट, गाली-गलौज करता था। 12 जनवरी की रात करीब 08 बजे विष्णु दास शराब पीकर अपनी पत्नी मानकुंवेर से गाली-गलौज कर रहा था, इसकी आवाज सुनाई दे रही थी। रोज लड़ाई-झगड़ा होता था, जिस कारण वह इसे अनदेखा कर दिया। दूसरे दिन सुबह करीब 06 बजे जब वह बाहर निकला और वापस आकर अपनी मां के मकान की सफाई करने के लिए भाभी मानकुंवर के घर झाडू़ लेने गया, यहां देखा कि घर के परछी में उसकी भाभी मानकुंवर मृत हालत में पड़ी थी। घटना की जानकारी आसपास के लोगों व सरपंच को दिया। इस वक्त विष्णु दास घर पर नहीं था। रिपोर्ट पर चौकी कुन्नी थाना लखनपुर में धारा 103(1) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पंचनामा किया एवं आरोपी के तलाश में जुट गई थी। पुलिस टीम के सतत प्रयास से आरोपी विष्णु दास पिता स्व. धरम दास 35 वर्ष निवासी तेंदुघाट, पुलिस चौकी कुन्नी हाथ लग गया। पूछताछ में वह बताया कि घटना दिनांक को मानकुंवर से छेरता त्यौहार के लिए चावल नहीं लाने की बात पर विवाद हुआ था। मानकुंवर घर से बाहर जा रही थी, इसी बात पर वह मानकुंवर पर पीछे से रोड के किनारे पड़े पत्थर को उठाकर फेंककर मारा, तो वह मौके पर गिर गई। इसके बाद वह उसे ढो-टांगकर किसी तरह घर लाया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पत्थर जप्त किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। कार्रवाई में चौकी प्रभारी कुन्नी सहायक उप निरीक्षक मनोज सिंह, प्रधान आरक्षक बलभद्र सिंह, आरक्षक राजेंद्र लकड़ा, गोविन्द टोप्पो, राजकुमार, मान सिंह सक्रिय रहे।

Categorized in: