पीड़िता का विवाह तुड़वाने और मोबाइल फोन छीनने जैसे कृत्य का भी था आरोपी  

अंबिकापुर। कोतवाली पुलिस ने न्यायालय से अनुमति प्राप्त करके पीड़िता को मोबाइल पर अश्लील संदेश भेजने वाले सहायक प्राध्यापक को गिरफ्तार करके न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पीड़िता ने सहायक प्राध्यापक की प्रताड़ना से तंग आकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपित घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था, जिसके तलाश में पुलिस लगी थी। इधर आरोपित ने 4 मई को सीधे न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि, वर्ष 2025 में शासकीय राजमोहिनी कन्या महाविद्यालय के इतिहास विषय के सहायक प्राघ्यापक चंद्र किशोर कौशल उसे व्हाट्सप पर संदेश भेजा करता था, जिसका प्रत्युत्तर वह शिष्टाचार वश दिया करती थी। आरोपित ने पीड़िता को माह अक्टूबर-नवम्बर 2025 में व्हाट्सएप के माध्यम से अश्लील फोटो एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए संदेश भेजा, जिससे परेशान होकर वह सहायक प्राध्यापक चंद्र किशोर का नम्बर ब्लॉक कर दी और घटना की जानकारी अपने स्वजन एवं महाविद्यालय प्रबंधन को दी। इसके बाद आरोपित को चेतावनी भी दी गई थी। महाविद्यालय में शिकायत करने के बाद आरोपित ने पीड़िता को और अधिक परेशान करना प्रारंभ कर दिया। पीड़िता का 01 मई 2026 को विवाह होना था, आरोपित ने वर पक्ष वालों को भ्रमित करके शादी तुड़वा दिया। इसके पहले वह 27 फरवरी 2026 को अपने साथियों के साथ पीड़िता को सूनसान स्थान पर ले जाकर 01 नग सैमसंग अल्ट्रा एवं 01 नग विवो का मोबाइल फोन छीन लिया, और मौके से भाग गया। इसके बाद मानसिक पीड़ा, अपमान एवं सामाजिक दबाव झेल रही पीड़िता ने थाना अंबिकापुर में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और 67 आई.टी. एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर लिया था। विवेचना दौरान आरोपित चंद्र किशोर कौशल के संबंध में प्राचार्य शासकीय राजमोहनी देवी महाविद्यालय से जानकारी प्राप्त करके आरोपित के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। 04 मई को चन्द्रकिशोर ने न्यायालय अंबिकापुर में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने न्यायालय अंबिकापुर से अनुमति प्राप्त करके प्रकरण के आरोपित डॉ. चन्द्र किशोर कौशल पिता सुभाष राम 30 वर्ष, निवासी बाबूपारा को विधिवत गिरफ्तार करके न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया है। प्रकरण की विवेचना कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली अंबिकापुर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, आरक्षक बृजेश राय, अहसान फिरदौसी, नितिन सिन्हा सक्रिय रहे।

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