संकल्प अस्पताल में कार्यरत महिला गार्ड की जनरेटर के चपेट में आने से हुई थी मौत

अस्पताल प्रबंधन से मुआवजा संबंधी हुई बात के बाद शव लेकर रवाना हुए स्वजन

अंबिकापुर। शहर के दर्रीपारा में स्थित संकल्प अस्पताल में कार्यरत महिला गार्ड की मौत के बाद आक्रोशित स्वजनों ने संकल्प अस्पताल मार्ग से लगे मुख्य मार्ग में शव को रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे लगभग 4 घंटे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रोड में जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान आवागमन पूरी तरह से अवरूद्ध रहा। इनके द्वारा अस्पताल प्रबंधन से मुआवजा की मांग की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस, प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन से बातचीत और मुआवजा की राशि सुनिश्चित होने के बाद स्वजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर रवाना हुए।

जानकारी के मुताबिक, संकल्प हॉस्पिटल में अनिशा तिग्गा पति अमित तिग्गा 26 वर्ष, करीब दो वर्ष से सुरक्षा गार्ड के रूप में सेवा दे रही थी। बीते 2 मई को मौसम बिगड़ने पर अस्पताल परिसर में लगे जनरेटर में डीजल का लेवल चेक करने के दौरान उसके गले में लिपटा दुपट्टा जनरेटर में फंस गया और उसे संभलने का मौका नहीं मिल पाया, जिससे वह अनियंत्रित होकर गिर गई। घटना के बाद महिला को संकल्प अस्पताल में ही भर्ती करके समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी, इसी बीच सोमवार की अपरान्ह करीब 3 बजे वह दम तोड़ दी। इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन की ओर से मणीपुर थाने में सोमवार, 4 मई को दी गई थी। पुलिस ने शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मर्च्युरी में रखवा दिया था। घटना से स्वजन आक्रोशित थे, लेकिन संकल्प अस्पताल के प्रबंधन से हुई बातचीत के बाद आपसी सामंजस्य की स्थिति बन गई थी। मंगलवार को पुलिस ने मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर किया था। अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराए गए मुक्तांजलि वाहन में मृतिका के शव को लेकर स्वजन निकले और संकल्प अस्पताल से कुछ फासले पर मुख्य सड़क में शव को रखकर प्रदर्शन करने लगे। इनका साथ सरगुजा बचाओ संगठन के बिहारी लाल, समाजसेवी अंकुर सिन्हा सहित अन्य ने भी दिया, और करीब चार घंटे तक नारेबाजी करते रहे। इनका कहना था कि, अस्पताल प्रबंधन पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनहीनता दिखा रहा है और उचित मुआवजा देने से कतरा रहा है। महिला ने दो साल तक इस अस्पताल में अपनी सेवाएं दी है, मौत के बाद प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार पीड़ित परिवार की सुध नहीं लिया। ऐसे में चुभन भरी धूप के बीच शव सड़क पर रखकर बैठने के लिए वे मजबूर हैं। इनके द्वारा उचित मुआवजा राशि देने की मांग की जा रही थी।

सीएसपी ने लिया घटनास्थल का जायजा

सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने की सूचना मिलने पर नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल, प्रशासन के अधिकारियों के साथ संकल्प अस्पताल पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इनके द्वारा अस्पताल प्रबंधन से चर्चा करके घटना की जानकारी ली गई। अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जानकारी देने के साथ ही महिला की मृत्यु के बाद परिजनों से हुई बातचीत और लिखित सहमति से अवगत कराया। इधर प्रदर्शनकारी मौके पर अपनी मांगों को लेकर डटे थे। अंत तक उहापोह की बनी स्थिति का पटाक्षेप अस्पताल प्रबंधन से हुई बातचीत के बाद ही हो पाया।

विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर

सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने की जानकारी मिलने पर लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर और जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राकेश गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। इन्होंने मृतक के स्वजन और लोधिमा ग्राम के सरपंच से चर्चा करके वस्तुस्थिति को जाना और घटना के प्रति दु:ख व्यक्त किया। पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मदद मिले, इसके पक्ष में सभी थे। प्रशासन की ओर से मामले में हस्तक्षेप नहीं करने से मृतिका के स्वजनों की नाराजगी सामने आ रही थी, जो अधिकारियों के पहुंचने के बाद दूर हुई।

अस्पताल प्रबंधन ने अंतिम संस्कार के लिए दिया 25 हजार

संकल्प अस्पताल प्रबंधन ने मृतिका के अंतिम संस्कार के लिए पूर्व में स्वजनों को 25 हजार रुपये दे दिया गया था। इसके अलावा 4 मई को ही मृतिका के पति, पिता एवं अन्य परिजनों की उपस्थिति में आपसी सहमति से अतिरिक्त मुआवजा राशि निर्धारित करने हेतु बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया था, जो 09 मई को प्रस्तावित थी। इसके बाद 5 मई को मुआवजा राशि के संबंध में मेडिकल कॉलेज अस्पताल मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया गया। ऐसी स्थिति में शासकीय अधिकारियों, मृतिका के पति, पिता सहित अन्य परिजनों तथा संकल्प अस्पताल प्रबंधन के बीच चर्चा एवं बैठक के उपरांत सम्मानजनक मुआवजा राशि देने पर सहमति बनी। संकल्प अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि, मृतिका के एक आश्रित को उनकी योग्यता के अनुसार अस्पताल में रोजगार प्रदान किया जाएगा। संकल्प अस्पताल परिवार इस दु:ख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है और हरसंभव सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है।

बयान

संकल्प अस्पताल में सुरक्षा कर्मचारी की जनरेटर की चपेट में आने से मौत के बाद कंपनसेशन के लिए मृतिका के स्वजन और अस्पताल प्रबंधन के बीच आपस में चर्चा हुई है। अस्पताल प्रबंधन ने मृतिका की पुत्री के नाम 9 लाख रुपये देने सहित अन्य मांगों को लेकर सहमति दी है।

बन सिंह नेताम, एसडीएम अंबिकापुर

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