केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आदित्येश्वर शरण सिंहदेव जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने बजट प्रस्ताव के परिप्रेक्ष्य में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है। आज तक के अपने सबसे छोटे बजट भाषण में सरकार ऐसे कोई उपाय नहीं ला पाई जो आम जनता के परचेजिंग पॉवर को बढ़ाने में मदद करेगा। आयकर की छूट दिखावटी है। बजट में महंगाई को नियंत्रित करने वाले उपाय नदारद हैं। ये आम नहीं खास जनता का बजट है।
मोदी सरकार की अहंकारी बजट
कांग्रेस नेत्री नीति सिंहदेव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश के युवा ठगे गए, महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में कोई ठोस उपाय नहीं दिखा। शिक्षा के नाम पर केवल लॉलीपॉप दिखाया है। एम.एस.पी. को लेकर किसान परेशान हैं। कर में कोई राहत नहीं है। यह बजट गरीबों को और गरीब करने वाला है। केवल उद्योगपतियों एवं अरबपतियों को राहत देने वाला है और देश के विकास में बाधा डालने वाला मोदी सरकार की अहंकारी बजट है।
मध्यम और गरीब वर्ग को राहत नहीं
कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा है बजट में भारत के मध्यम और गरीब वर्ग को इन डायरेक्ट टैक्स में कोई भी राहत नहीं मिला है। महंगाई, बेरोजगारी के बारे में राहत की कोई बात नहीं है। ना एमएसपी में गारंटी ना ही प्रचलित फसलों को लेकर कोई बड़ी घोषणा हुई। आज भी भारतीय किसान प्रतिमाह 13661 रुपये प्रति माह कमा रहे हैं, जो सरकारी आंकड़ा है। कृषि प्रधान देश में लगातार 11 वर्षों से किसानों को नज़र अंदाज किया जा रहा है।
ऐसी कोई बड़ी घोषणा नहीं जो मील का पत्थर साबित हो
डॉ. अजय तिर्की निवर्तमान महापौर ने कहा है बजट में ऐसी कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई है जो स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरीकरण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो। इस बजट और इस सरकार के भरोसे 2047 तक देश के विकसित राष्ट्र बनने की कोई संभावना नहीं है।
किसानों और बेरोजगार युवाओं को छलने वाला बजट
पूर्व अध्यक्ष, श्रम कल्याण बोर्ड शफी अहमद ने बजट को किसानों और बेरोजगार युवाओं को छलने वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि बेरोजगारी दूर करने को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है, जबकि देश में यह एक बड़ी समस्या बन चुकी है। बजट यह भी बतलाता है कि किसानों की आमदनी दोगुना करने के वायदे खोखले थे। बजट में फिर से किसानों को सब्जबाग दिखलाया गया है। एमएसपी बढ़ाने को लेकर बजट में कोई ठोस नीति नहीं है। कुल मिलाकर बजट ने है।
10 वर्षों का कॉपीराइट दिशाहीन बजट
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महामंत्री एवं सरगुजा संभाग के प्रभारी राजेश दुबे अधिवक्ता ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार का ये 10 वर्षों का कॉपीराइट दिशाहीन बजट है, जिसमें गरीब, मिडिल क्लास को कुछ नहीं मिला। टैक्स में छूट देने की बात कही गई है, उसमें भी शर्तें जुड़ी हुई हैं। इन शर्तों को देश की जनता के सामने सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इस निराशाजनक बजट में किसी वर्ग को कुछ नहीं मिला। गरीब और गरीब हो जाएगा और अमीर और अमीर होता जाएगा। किसान धरने पर बैठे हैं पर बजट में एमएसपी तक की बात नहीं की गई है। बजट में शिक्षा, ट्रांसपोर्ट, रूरल डेवलपमेंट, आईटी, टेलीकॉम में दूसरी बार कटौती की गई है। यह बजट सिर्फ बिहार राज्य के लिए है अन्य राज्यों के लिए कुछ भी नहीं। बजट में गरीबों के आवास, मनरेगा योजना को लेकर कोई बात नहीं की गई है।
बोनस बजट कम, बोगस बजट ज़्यादा
कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ सरगुजा के जिला उपाध्यक्ष ऋषभ गर्ग ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट बोनस बजट कम बोगस बजट ज़्यादा प्रतीत हुआ। इस बजट में लोक कल्याणकारी सेवाओं को सरकार द्वारा हाशिए पर रखा गया। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, ट्रांसपोर्ट, ग्रामीण विकास और आईटी एंड टेलीकॉम का आवंटन घटा दिए गया। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कोई रोड मैप नहीं है। जीएसटी के मल्टीपल दरों में कोई सुधार की बात नहीं, देश की बेरोज़गारी कम करने के लिए एवं संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की कोई चर्चा नहीं। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया की योजनाएं केवल घोषणाएं साबित हुई। कई योजनाएं पुरानी सामग्री की तरह हंै जिनकी पैकिंग केवल नई है।

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