संसद में शनिवार, 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट 2025-26 पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि इस बजट से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वह वचन फिर से पूरा हुआ है कि जिन्हें कोई नहीं पूछता, उन्हें वे पूछते हैं। समाज के मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्गों के उत्थान के लिए यह बजट ऐतिहासिक और क्रांतिकारी होगा। यह भारत के सुनहरे भविष्य को गढ़ने वाला दस्तावेज है। स्वतंत्र भारत के इतिहास के चंद ऐतिहासिक बजटों में से यह एक है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने सिद्ध कर दिया है कि आने वाला समय भारत का है और भारत का स्वर्णिम युवा युग शुरू हो गया है। भारत अब विश्व का नेतृत्व करेगा यह तय हो गया है। आज पेश हुआ यह बजट एक ऐतिहासिक बजट है, जिसे भारत देश में हमेशा याद रखा जाएगा। देश के टैक्स पेयर और मध्यम वर्ग का सम्मान करते हुए मोदी सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है, जिसकी कल्पना भी लोगों को नहीं थी। पूर्व की सरकार में जहां 2 लाख रुपये की आय पर टैक्स लगता था, मोदी की सरकार में 12 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह बजट देश के किसानों, युवाओं, महिलाओं को समर्पित बजट है। देश में रोजगार की नई संभावनाओं का सृजन होगा। भारत के विकसित भारत बनने की दिशा में इस बजट के प्रावधान बेहद मददगार साबित होंगे। देश की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। देश के हर वर्ग के लिए बजट में प्रावधान है। यह भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला बजट है। यह बजट भारत में निवेश की संभावनाओं को प्रबल करेगा और भारत की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की संभावनाओं को बल देगा।
सभी वर्गों के उत्थान के लिए यह बजट ऐतिहासिक
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक राजेश अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने इस बजट में किसानों के उत्थान के लिए दूरगामी नीतियां बनाई हैं। इस बजट में कृषि की उत्पादकता बढ़ाने, दालों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने, किसानों के लिए यूरिया फैक्ट्री लगाने और किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने के निर्णय किसानों की तरक्की के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
बजट में रोजगार के सृजन का प्रावधान
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि देश के व्यापार-उद्योग को बढ़ावा देने एवं बड़ी संख्या में रोजगार के सृजन के प्रावधान इस बजट में मौजूद है। एमएसएमई को लोन की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का निर्णय, स्टार्टअप के लिए 10 हजार करोड़ का फंड देने एवं अब मेक इन इंडिया के साथ मेक फॉर वर्ल्ड का अभियान भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय साबित होगा। 22 लाख श्रमिकों के लिए लेदर स्कीम, एक करोड़ वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा और भारत को खिलौनों का ग्लोबल हब बनाने का निर्णय देश के युवाओं के लिए रोजगार के कईं अवसर पैदा करने जा रहा है।
जीवन रक्षक दवाइयों को टैक्स में छूट
वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर ने कहा कि भारत के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज की जीवन रक्षक दवाइयों को पूरी तरीके से टैक्स में छूट दे दी गई है, साथ ही कैंसर के लिए 200 केयर यूनिट भी बनाई जाएगी। ऐसे संवेदनशील निर्णय पर हम मोदी सरकार का धन्यवाद करते हैं।
आधारभूत संरचना को मिलेगी मजबूती
पूर्व मंडल अध्यक्ष मधुसूदन शुक्ला ने कहा कि आधारभूत संरचना के लिए राज्यों को डेढ़ लाख करोड़ रुपये दिए जाने का निर्णय राज्यों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला प्रशंसनीय निर्णय है। साथ ही एक लाख करोड़ का फंड अर्बन डेवलपमेंट के लिए मिलने से शहरों का विकास होगा। आदिवासी एवं दलित महिलाओं को 5 लाख तक के लोन का प्रावधान किया गया है।
टैक्स में छूट से मध्यम वर्ग को लाभ होगा
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल जायसवाल ने कहा कि टैक्स में छूट से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और मध्यम वर्ग को लाभ होगा। किसानों का भी बजट में खास ध्यान रखा गया है और किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाई गई है। इससे छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को इसका लाभ होगा। किसानों की स्थिति और सुदृढ़ होगी, मध्यम वर्गीय परिवारों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा गया है। आदिवासी, दलित महिलाओं को लोन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों का बजट में ध्यान रखा गया है विद्यालयों और पीएचसी को डिजिटली सशक्त करने का ऐलान भी किया। डिजिटल शिक्षण संसाधनों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस बजट को युवा भारत के सपनों को साकार करने वाला बजट बताया है।
कृषि और मध्यवर्गीय करदाताओं को मिलेगा प्रोत्साहन
किराना मर्चेंट एसोसिएशन सरगुजा के सचिव व सिल्वर मेंबर नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल आफ इंडिया, अश्विनी गर्ग ने बजट को कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत प्रदान करने वाले प्रमुख प्रावधान से ओतप्रोत बताया है। उन्होंने कहा है कि मध्यम वर्ग के लिए 12 लाख तक कोई कर नहीं, टीडीएस और टीसीएस में कमी, एमएसएमई क्षेत्र में बढ़ावा देना, उत्पादक उद्योग को बढ़ावा देने के साथ ही कृषि के क्षेत्र में मखाना बोर्ड का गठन, यूरिया प्लांट, धन-धान्य कृषि योजना, दलहन एवं तिलहन में आत्मनिर्भर बनाने जैसा कदम सराहनीय है। मखाना की खेती के बढ़ते महत्व को पहचानते हुए सरकार ने एक समर्पित मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की है। यह बोर्ड मखाना के अनुसंधान, विकास और विपणन को बढ़ावा देने, किसानों और संबंधित उद्योगों को लाभ पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। बजट से मखाना के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

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