अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में हाथियों के आतंक के बीच सबसे ज्यादा प्रभावित मैनपाट व सीतापुर क्षेत्र में इन दिनों बड़ी संख्या में हाथियों का दल पिछले कई महीनों से डटा है। 4 सितंबर की रात सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम जामकानी, परसापारा में हाथी ने एक महिला की जान ले ली। महिला घर में पति के साथ सो रही थी। देर रात हाथियों का दल घर के समीप पहुंच गया और घर को तोड़ने लगा। इस दौरान भागने के दौरान अंधेरे के कारण महिला हाथी के पैर के पास चली गई और हाथी उसे कुचलते हुए पार हो गया, जबकि उसका पति भाग कर अपनी जान बचाया। गंभीर रूप से जख्मी महिला को सीतापुर अस्पताल से रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार शुकवारो पति प्रेम साय कंवर उम्र 55 वर्ष सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम जामकानी परसापारा सीतापुर की रहने वाली थी। वह 4 सितंबर की रात को अपने पति के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 11 बजे हाथियों का दल इसके घर के समीप आ गया और घर को ढहाने लगे। यह देख पति-पत्नी घर से बाहर निकलकर जान बचाने के लिए भागा। अंधेरा होने के कारण महिला एक हाथी के पैर के पास चली गई। इस दौरान हाथी ने उसे कुचलते हुए पार हो गया। वहीं उसका पति भाग कर अपनी जान बचाया। हाथी के कुचलने से महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। परिजन उसे इलाज के लिए सीतापुर अस्पताल में भर्ती कराए। यहां चिकित्सक ने उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया था। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका के परिजन ने बताया कि पिछले माह भी हाथियों ने उसके घर को तोड़ दिया था, इसका मुआवजा भी आज तक नहीं मिल पाया है। वहीं पति-पत्नी क्षतिग्रस्त कच्चे मकान में रह रहे थे। हाथियों ने पुन: दूसरी बार घर को क्षतिग्रस्त कर दिए और चपेट में आने से महिला की जान चली गई।
शाम होते ही गांव की ओर रूख
परिजन ने बताया कि पूर्व में 11 हाथियों का दल था। जो अभी एक हाथी और शामिल हो गया है। कुल 12 हाथी उत्पात मचा रहे हैं। पूरे दिन हाथी अलोला गंजल में डटे रहते हैं वहीं शाम होते ही गांव की ओर रूख करते हैं और जान माल का नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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