उनकी ममतामयी छांव में कइयों को मिली पनाह, समाजसेवी बेटी वंदना दत्ता की दुलारी थी मां

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। शहर की 108 वर्षीय मतदाताओं की आइकॉन 108 वर्षीय कनक रानी दत्ता का बुधवार की दोपहर लगभग डेढ़ बजे निधन हो गया। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार के साथ कई ऐसी यादें छोड़ गईं, जिसे सरगुजावासी ही नहीं, छत्तीसगढ़ के लोग नहीं भूल पाएंगे। उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचने के बाद भी वे घर में आने वाले हर किसी को ममतामयी नजर से देखती थीं। उनकी बेटी वंदना दत्ता का मां से कुछ ऐसा लगाव था कि वे उनकी परवरिश बच्चों की तरह करते आ रही थीं। स्व.कनक रानी दत्ता ने पति की मौत के बाद बेटी का साथ अपने जीवनकाल में नहीं छोड़ा था।  

स्वर्गीय कनक रानी दत्ता के पति स्व.निर्मल कांत दत्ता अंबिकापुर ब्लॉक कार्यालय में अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे, जिनकी मृत्यु वर्ष 1984 में हो गई थी। वे महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बाल संप्रेक्षण गृह में अधीक्षिका के पद से सेवानिवृत्त सुश्री वंदना दत्ता के अलावा स्व.निहार कांत दत्ता, निखिल कांत दत्ता, नीलाद्री कांत दत्ता, निर्झर कांत दत्ता, अल्पना सरकार, कल्पना मजूमदार एवं चंदना बोस की मां थीं। कनक रानी दत्ता अपनी समाज सेवी पुत्री वंदना दत्ता के साथ कलेक्टर बंगला के पीछे प्रतापपुर रोड अंबिकापुर में रहती थीं। वंदना का मां से कुछ अलग ही लगाव था, वे मां की देखरेख में किसी प्रकार का कसर नहीं छोड़ती थीं। चुनाव के मौके पर उनका पुत्री व अन्य लोगों के सहारे वोट डालने के लिए मतदान केंद्र तक पहुंचना मिसाल था। वे मतदान केंद्र के बूथ में जाकर अपने पसंद के प्रत्याशी को वोट डालतीं और किसी बात का बेहद तल्लीनतापूर्वक जवाब देती थीं, जिस कारण मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें युवा मतदाताओं के लिए आइकॉन बताते हुए ट्वीटर पर तीन वर्ष पूर्व ट्विट किया था। उनके निधन पर सामाजिक, राजनैतिक, कर्मचारी संगठनों सहित अन्य ने शोक संवेदना व्यक्त की है। शहर की इस ममतामयी छांव के नीचे कितने बच्चों ने स्नेह पाया यह किसी से छिपा नहीं है। इनकी पुत्री वंदना दत्ता अपनी मां को आदर्श मानकर सामाजिक कार्य से अनवरत जुड़ी रहीं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने 105 वर्ष की आयु में किया था ये ट्विट

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने अधिकारिक ट्वीटर एकाउंट में अंबिकापुर शहर की 105 वर्षीय कनक रानी दत्ता के द्वारा मतदान करने के लिए मतदान करने के लिए पहुंचने पर उन्हें सभी के लिए आइकॉन बताया था। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के आधिकारिक अकाउंट से मैसेज किया गया यह पोस्ट यादगार रहा। उन्होंने कनक रानी दत्ता के लिए किए ट्विट में लिखा था कि देश के प्रत्येक व्यस्क नागरिक चाहे वे गरीब, अनपढ़, नि:शक्तजन, थर्ड जेंडर या फिर वृद्ध हों, उन सभी के पास एक समान मताधिकार राइट-टू-वोट होता है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की वरिष्ठ नागरिक आइकॉन कनक रानी दत्ता जो 105 वर्ष की हैं, उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 में निर्वाचन अधिकारियों की सहायता से अपना वोट डाला। यह देश पूर्वजों के बलिदान का परिणाम है, इसे अक्षुण्ण रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम सभी को एक मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदान करना चाहिए।

आज होगा अंतिम संस्कार

समाजसेवा के लिए समर्पित वंदना दत्ता की मां कनक रानी दत्ता के निधन की खबर जैसे ही सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से सामने आई, उनके यहां लोगों का तांता लग गया। 108 वर्ष की उम्र में दुनिया के मोह-माया का त्याग कर अलविदा हुई कनक रानी दत्ता के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई गुरूवार को दी जाएगी। इसके पहले अंतिम दर्शन के काफी लोग पहुंचे और शोकाकुल परिवार का ढाढस बंधाया।

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