अंबिकापुर। रात्रिकालीन बसों में सफर के दौरान हर यात्री गहरी नींद में रहते हैं। लग्जरी में पूरी रात का सफर करते समय उन्हें चालकों पर सुरक्षित सफर तय कराने का पूरा भरोसा रहता है। यह भरोसा धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से सामने आने वाले बड़े हादसों की खबरों के बाद कम होते चला जा रहा है। एक समय ऐसा था जब सामान्य बसों में लोग लंबी दूरी तय करने में नहीं हिचकिचाते थे। शहर से ही रायपुर सहित विभिन्न शहरों के लिए बसों की सीधी रवानगी होती थी। समयानुसार ऐसी वाहनों का स्थान आकर्षक लग्जरी वाहनों ने ले लिया, जिसमें स्लीपर के साथ ही आरामदेह सीट की व्यवस्था के साथ पर्दे लगे रहते हैं। ऐसे में बच्चों, परिवार के साथ सफर करने वाले लोगों का रूझान स्लीपर सीट पर अधिक रहता है, ताकि रात के सफर में उन्हें अच्छी नींद आ सके। लग्जरी बसों के चक्के में सस्पेंशन के कारण खड्डे कब पार हो जाते हैं, पता ही नहीं चलता है। लंबी दूरी तय करने वाली बसों के चालक वैसे तो काफी सावधानी बरतते हैं, लेकिन बीते दिवस हुई बस दुर्घटना के बाद लोगों की धारणा बदल रही है। खड़ी ट्रेलर से भीषण दुर्घटना के बाद बस की हालत देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। दुर्घटना में बच्चों सहित छह लोगों की मौत को लेकर सरगुजा जिला प्रशासन भी हतप्रभ है। दर्दनाक घटना सामने आने के बाद सरगुजा कलेक्टर ने रात्रिकालीन बसों में सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए सभी सीटों में सीट बेल्ट के प्रावधान के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दे दिए हैं। उल्लेखनीय है कि बस दुर्घटना में सीतापुर विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी व्यख्याता उषा निराला व उनके पुत्र रेयांश, चिड़ापारा निवासी शिक्षक अजय वरदान लकड़ा, लमगांव निवासी अतिथि शिक्षक रोहित कुमार सिंह, जिला दुर्ग पाटन निवासी सीतापुर में एनआरएलएम में वायपी शशिकान्त चंद्राकर तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नमना कला के प्रबंधक सोमनाथ भट्टाचार्य का निधन होने से शोक का माहौल बन गया। दुर्घटना को लेकर स्थानीय जिला प्रशासन ने तो गंभीरता दिखाई ही, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने सरगुजा और कोरबा कलेक्टर से संपर्क कर घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था हेतु पहल करने के साथ ही मृतकों के शव को गृहग्राम तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।


बीमा सहित अन्य दावों के निराकरण के निर्देश
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने मृत कर्मचारियों तथा शिक्षकों के बीमा सहित अन्य दावों के शीघ्र निराकरण के लिए एसडीएम अंबिकापुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने निर्देशित किया है कि दावों के निराकरण में स्वजनों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने मृत कर्मचारियों के स्वत्वों के भुगतान के लिए आवश्यक पहल शुरू कर दी है।


बस दुर्घटना में दिवंगतों को कलेक्टोरेट में दी गई श्रद्धांजलि
कोरबा जिले के बांगो थाना अंतर्गत एनएच पर मड़ई घाट के पास सोमवार को हुई बस दुर्घटना में जिले के छह लोगों के दु:खद निधन पर मंगलवार को कलेक्टर कुन्दन कुमार की उपस्थिति में कलेक्टोरेट सभा कक्ष में अधिकारियों ने दो मिनट का मौनधारण कर दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई। कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटना बहुत ही दु:खद है। मृतकों के स्वजनों के प्रति जिला प्रशासन की पूरी संवेदना है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह, नगर निगम आयुक्त प्रतिष्ठा ममगई, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव, तनुजा सलाम सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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