रैली निकालकर जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने मोदी की गारंटी 2023 में किए गए वायदे को पूरा करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सरगुजा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि और सभी को एन.एच.एम. में संविलियन की लम्बे समय से चल रही मांग को पूरा करने का आग्रह किया है। इसके अलावा एनजीओ के अधीन काम कराने पर इन्होंने आपत्ति जताई है, और शासन से ठेका प्रथा बंद करने की मांग की है। कला केंद्र मैदान में एकजुटता दिखाने के बाद मितानिनें नारेबाजी करते हुये रैली के शक्ल में कलेक्टोरेट की ओर रूख कीं। इनकी काफी संख्या को देखते हुये यहां का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया था, और पुलिस का पहरा लगा था।

ज्ञापन में उल्लेख है कि 2023 के घोषणा पत्र में वादा किया गया था कि मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि की जाएगी और मितानिन कार्यकर्ताओं को एन.एच.एम. के अंतर्गत संविलियन किया जाएगा। संघ का आरोप है कि, इसके विपरीत प्रशासन ने मितानिन कार्यक्रम के संचालन का काम निजी संस्था, एनजीओ को दे दिया है, जिससे प्रदेश के सभी मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर निराश हैं। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले एकजुट हुई मितानिनों ने अपनी मांगों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण कराया है। इसमें प्रमुख रूप से मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि, सभी मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का एन.एच.एम. में संविलियन शामिल है। इस दौरान काफी संख्या में मितानिनों की उपस्थिति रही।

तो करेंगे प्रदेशव्यापी आन्दोलन

संघ का कहना है कि एन.एच.एम. में संविलियन करने पर न केवल मितानिनों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी सक्षम रहेंगी। इससे मितानिन कार्यकर्ताओं के समर्पण और कड़ी मेहनत को पहचान मिलेगी और राज्य भर में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूती मिलेगी। मितानिन संघ ने चेतावनी दी है कि, अगर मोदी की गारंटी का वादा पूरा नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

Categorized in: