अंबिकापुर। अंबिकापुर ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दरिमा अंतर्गत लगभग डेढ़ सौ कर्मचारियों का वेतन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता एवं लापरवाही के कारण रूका हुआ है, जिससे स्वास्थ्य कर्मचारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक समस्या आ खड़ी हुई है। आर्थिक एवं मानसिक रूप से कर्मचारी प्रताडि़त हो रहे हैं। चूंकि फरवरी माह का वेतन इन्कम टैक्स के रूप में कट जाता है। इसके बाद मार्च एवं अप्रेल माह का वेतन आहरण एवं संवितरण प्राधिकार पत्र जारी नहीं होने के कारण रूका हुआ है, जबकि मई माह का वेतन जारी करने का समय आ चुका है। इस प्रकार चार माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है, इनमें से अधिकतर कर्मचारियों ने होम लोन, वाहन लोन या पर्सनल लोन ले रखा है। घर के राशन पानी से लेकर बीमारों का इलाज, बच्चों का एडमिशन फीस, ट्यूशन फीस जैसी आर्थिक जरूरतों के लिए ये वेतन पर निर्भर रहते हैं। आहरण एवं संवितरण प्राधिकार पत्र जारी नहीं होने के कारण मेडिकल बिल, यात्रा भत्ता बिल, जीपीएफ एवं पार्ट फाइनल, सातवां वेतन एरियर्स आदि भुगतान लंबित है। इस संबंध में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक आपातकालीन बैठक का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र फुंदुरडिहारी, अंबिकापुर में किया, जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय, संभागीय, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर प्रांतीय महामंत्री अनिल कुमार पाण्डेय, धनेश प्रताप सिंह, हेमंत कुमार मरावी, किरण सोनी, ऋषिकेश कुशवाहा, तूफान अली, अजय सिंह, अभिषेक एक्का, प्रेम प्रकाश कुशवाहा, मिथलेश यादव, सुरेश राजवाड़े, बालकृष्ण पैकरा, सोनल गुप्ता, दुलारी शर्मा उपस्थित रहे।
वेतन, भत्ता व इन्सेंटिव नहीं मिलने पर 25 मई से काम बंद
बैठक में सभी कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को एक साल से कार्य आधारित वेतन नहीं मिलने, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कर्मचारियों को साल भर से ग्रुप इन्सेंटिव नहीं मिलने तथा पल्स पोलियो कार्यक्रम, मच्छरदानी वितरण, टीबी एवं कुष्ठ सर्वे, आयुष्मान कार्ड बनाने, कोविड वैक्सीनेसन, सिकलिंग जांच, आयुष्मान योजना, नेत्र ज्योति योजना का इन्सेंटिव भुगतान नहीं किए जाने को लेकर नाराजगी जताई और एक सप्ताह के भीतर वेतन, भत्ते एवं इंसेटिव नहीं मिलने पर 25 मई से काम बंद करके कलमबंद हड़ताल करने का प्रस्ताव पारित किया। 

Categorized in: