अंबिकापुर में 43.5, बलरामपुर, सूरजपुर व कोरिया में 44.4-5 व जशपुर में 43.0 डि.से. तापमान

गिरिजा ठाकुर

अंबिकापुर। नौतपा का पहला दिन जितना सुहाना रहा, वहीं चौथा दिन आग उगल रहे सूर्य की किरणों के बीच पंखा, कूलर की हवा भी नहीं भा रही थी। नौतपा के चौथे दिन मई महीने में पांच साल के अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड टूट गया। 2017 के बाद 2019 में मई में अधिकतम तापमान 25 मई 2019 को 43.0 तक पहुंचा था, उसके बाद के वर्षों में मई माह 43 डिग्री तक गर्म नहीं हो पाया था। आज यह 43 कि सीमा को पार कर 43.5 डिग्री पर पहुंचा है। अभी इसमें आगे उछाल की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। बलरामपुर, सूरजपुर व कोरिया जिले का तापमान 44.5 व जशपुर का तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस रहा। एकाएक तापमान में हुई बढ़ोतरी के बाद लोगों को घर के बाहर निकलना भारी लग रहा था। पेड़ की छांव लोगों को भा रही थी।
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात की सक्रियता कमजोर पड़ते ही सरगुजा संभाग में गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है। मंगलवार को सुबह से ही सूर्य की किरणें आग उगल रही थीं। दोपहर 12 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। शाम पांच बजे तक लोग घरों में ही दुबके रहे। गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों ने दो से तीन दिन तक मौसम गर्म रहने की संभावना व्यक्त की है, तापमान में और उछाल आ सकता है। बता दें कि पिछले लगभग एक सप्ताह से तापमान 40 डिग्री के नीचे था। नवतपा के तीसरे दिन तापमान 39 डिग्री के आसपास रहा, लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान थे। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का असर कमजोर पड़ते ही सरगुजा संभाग में तेज गर्मी पड़नी शुरू हो गई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री रहा, वहीं मंगलवार को सरगुजा संभाग के बलरामपुर व सूरजपुर जिले का तापमान 44.5 व अंबिकापुर का तापमान 43.5 डिग्री पहुंच गया। आग उगलती सूर्य की किरणें झुलसा रही थीं। देर शाम तक तेज गर्मी का एहसास होते रहा। लू जैसी गर्म हवा के थपेड़े को देखकर अधिकांश लोग अपने घरों में ही रहे। ऐसे हालातों के बीच बिजली की घंटों कटौती लोगों को टीस रही थी।
इसलिए बनती है लू की स्थिति, रहें सावधान
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति व अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी आर्या का कहना है कि तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी एवं खनिज-लवण की कमी हो जाती है, जिससे लू की स्थिति बनती है। सिर में भारीपन, शरीर में तेज दर्द, बुखार, चक्कर, उल्टी, कमजोरीा, बार-बार मुंह सूखने, पेशाब कम होने, बेहोशी जैसी परिस्थिति का बनना लू के लक्षण को प्रकट करता हैं। लू लगने पर सिर में गीले कपड़े की पट्टी लगाना और ओआरएस का घोल अधिक से अधिक लेना चाहिए। चिकित्सकों के संपर्क में आना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि, ऐसे हालात में घर से बाहर कम निकलें। बाहर जाने स्वयं को कपड़ों से ढक कर बाहर निकलेें। कपड़े मुलायम और सूती हो तो अच्छा है। पानी और अन्य पेय पदार्थ का लगातार सेवन करते रहें। उल्टी, सिर दर्द, तेज बुखार की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।
भीषण गर्मी में तरणताल की ओर रुख
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शहर के तरणताल की भीषण गर्मी में रौनक बढ़ गई है। बच्चे, युवा, प्रौढ़ सभी इन दिनों शाम होते ही तरणताल की ओर रुख कर रहे हैं। जहां एक ओर तरणताल में अभिभावकों के साथ पहुंच रहे बच्चों को पानी के बीच मस्ती करते देखने का नजारा देखने को मिलता है, वहीं डुबकी लगाते युवाओं के लिए तरणताल सेल्फी जोन भी बन गया है। बता दें भीषण गर्मी के मौसम में शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां पानी के लिए त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है। बेचैनी भरी गरमी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के बीच ऐसे भी मोहल्ले हैं, जहां लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए चक्कर काटना पड़ रहा है।
स्वचालित उपकरणों से प्राप्त आंकड़े
बलरामपुर 44.5 डि.से.
जशपुर 43.0 डि.से.
कोरिया 44.5 डि.से.
सूरजपुर 44.4 डि.से.
पिछले पांच वर्षों में मई में अधिकतम तापमान का उच्चतम
2023- 41.8 डि.से. (23 मई)
2022- 41.9 डि.से. (1, 21, 22 मई)
2021- 38.4 डि.से. (02 मई)
2020- 42.0 डि.से. (26 मई)
2019- 43.0 डि.से. (25 मई)
अंबिकापुर के मौसमी इतिहास में 44 डिग्री से ऊपर के आंकड़े
44.1 डि.से. (09.05.1973)
45.0 डि.से. (30.05.1988)
44.0 डि.से. (29.05.1996)
44.5 डि.से. (29.05.1998)
44.5 डि.से. (01.05.1999)
44.2 डि.से. (24.05.2002)
44.0 डि.से. (24.05.2005)
44.8 डि.से. (25.05.2013)
44.0 डि.से. (16.05.2017)

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