लुण्ड्रा के गेरसा महुआपारा की घटना, पीड़िता को मुआवजे की अनुशंसा

अंबिकापुर। थाना लुण्ड्रा क्षेत्र में ससुर द्वारा बहू पर फावड़े से जानलेवा हमला करने के सनसनीखेज मामले में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर ने 21 अगस्त 2026 को आरोपी पेरवा राम उर्फ प्रेमा राम पिता स्व. बागर साय 60 वर्ष, निवासी गेरसा महुआपारा को हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

जानकारी के मुताबिक, 14 जुलाई 2025 को दोपहर 12 बजे ग्राम गेरसा महुआपारा निवासी अनिता कुजूर को उसके ससुर ने खेती-बाड़ी की बात को लेकर विवाद के बाद फावड़े से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हमले में अनिता के सिर के पीछे गंभीर चोट आई थी, खून बह रहा था और वह जमीन पर बेहोश पड़ी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने थाना लुण्ड्रा पुलिस को बारीकी से साक्ष्य एकत्रित करने के निर्देश दिए थे। पुलिस टीम ने विवेचना के दौरान आरोपी पेरवा राम को पकड़ा और पूछताछ की, उसके कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया। पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्यों को विधिवत जब्त किया, और इसे परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा था। घटना में प्रयुक्त हथियार का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया। घटना की पूरी विवेचना थाना लुण्ड्रा के तत्कालीन विवेचक सहायक उप निरीक्षक एस.आर. साहू द्वारा की गई थी। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध 07 अक्टूबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

15 गवाह और 35 साक्ष्य ने दी मजबूती

न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने मामले को बेहद मजबूती से रखा। 15 महत्वपूर्ण गवाहों के कथन और 35 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में पेश किए गए। पुलिस द्वारा जुटाए गए परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने पीड़िता अनिता कुजूर को हुई गंभीर एवं दीर्घकालीन शारीरिक क्षति, उसके उपचार और दैनिक जीवन पर पड़े प्रभाव को देखते हुए कहा कि 1000 रुपये के अर्थदंड से पर्याप्त प्रतिकर नहीं मिलेगा। इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 395 और 396 बीएनएसएस अंतर्गत विक्टिम कम्पनशेसन स्कीम के तहत उचित प्रतिकर प्रदान करने की अनुशंसा की गई है।

एसएसपी और आईजी ने की सराहना

हत्या के प्रयास के मामले में न्यायालय का यह फैसला पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम है। सरगुजा पुलिस की इस उपलब्धि पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा द्वारा विवेचना अधिकारी एस.आर. साहू तथा लुण्ड्रा स्टाफ के उत्साहवर्धन हेतु उचित पारितोषिक की घोषणा की गई है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के निर्णय को महत्वपूर्ण बताते हुए विवेचक एस.आर. साहू की उच्च व्यवसायिक दक्षता और उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की है।

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