अंबिकापुर। रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि और बढ़ती महंगाई को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। खाड़ी में युद्ध प्रारंभ होने के उपरांत से केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि के साथ ही कामर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में 1400 रुपये की वृद्धि कर चुकी है। सप्लाई में कमी के कारण ये चीजें सहज उपलब्ध भी नहीं हैं और मौके का फायदा उठा जमाखोर इसकी दुगनी कीमत वसूल रहे हैं। इसकी वजह से कामर्शियल गैस पर आश्रित व्यवसायियों के व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ा है। गैस की अनुपलब्धता के कारण कई लोगों के व्यवसाय बंद हो गये हैं, जबकि लागत में वृद्धि के कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतों में इजाफा हो रहा है। आमजन और छोटे व्यवसायी की इन्हीं तकलीफों को ध्यान रखते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यस्तरीय धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया।

आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की अमेरिका परस्त अदूरदर्शिता पूर्ण नीति के कारण भारत ने अपने उन भरोसेमंद साझेदारों को खो दिया है, जिनसे हमें सस्ता तेल और गैस भरपूर मात्रा में प्राप्त होता था। पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमत के लिए खाड़ी में चल रहे युद्ध के बजाय सरकार की सरेंडर नीति जिम्मेदार है। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि मोदी सरकार की सरेंडर नीति के कारण आज इस देश को अमेरिका के आगे झुकना पड़ा है, जिसके नतीजे में आज देश और देश की जनता पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत और महंगाई से जूझना पड़ रहा है। सभा को संबोधित करते हुए निगम में नेता प्रतिपक्ष श$फी अहमद ने कहा कि 70 साल तक काम नहीं होने की बात करने वालों ने 11 साल में ऐसा काम किया कि 70 साल में रुपये में जितनी गिरावट नहीं आई उससे ज्यादा पिछले 11 साल में आ गई है। सरकार देश की जनता को साम्प्रदायिकता में झोंक कर देश को अडानी अम्बानी को सौंपने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि, युद्ध के पहले ही रुपये में ऐतिहासिक गिरावट आ गई थी। युद्ध में रही सही कसर भी पूरी हो गई। पूंजीपतियों के हित को ध्यान रखने वाली इस सरकार ने जानबूझकर ऐसी नीतियों को अपनाया जिससे गरीबों की समस्या बढ़ी और अमीरों की संपन्नता बढ़ी। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से कृषि क्षेत्र में पड़ रहे दुष्प्रभावों का जिक्र करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि कई कृषि उपकरण जैसे मंचिग बॉक्स, ड्रिप सिस्टम, पाइप आदि का इनपुट कास्ट दुगना हो गया है। सप्लाई में कमी के कारण खरीफ सीजन के पहले खादों का अग्रिम उठाव नहीं हो पाया है, जिससे खाद्य उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है और अनाजों के कीमत में आग लगने की संभावना है। सभा को अन्य कई वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस दौरान 20 सूत्रीय कार्यक्रम के पूर्व उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, विनय शर्मा, मो. इस्लाम, नुरुल अमीन सिद्दीकी, राजीव सिंह, इरफान सिद्दीकी, प्रशांत सिंह, दुर्गेश गुप्ता, संध्या रवानी, सीमा सोनी, अनिमा केरकेट्टा, सरोज साहू, जमील खान, आलोक सिंह, लोकेश कुमार, प्रीति सिंह, अमित तिवारी राजा, अविनाश सिंह, अमित सिंह, तृपराज धंजल, सोहन जायसवाल, निकी खान, सतीश बारी, दीपक मिश्रा, आलोक गुप्ता, हिमांशु जायसवाल, बबन सोनी, अंकित जायसवाल, मालती सिंह, रूही गजाला, गीता प्रजापति, मिला तिर्की, सपना सिन्हा, हमीदा बानो, सरला राय, शालिनी नंद, अनिता सिन्हा, रूबी जैन, रश्मि सोनी, चंचला सांडिल्य, ममता सिंह, चंचला सांडिल्य सहित अन्य उपस्थित थे।

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