अंबिकापुर। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा को विगत दिनों सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नाबालिगों के साथ हुए गैंग रेप व एमएलसी के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतापुर में चिकित्सक द्वारा जांच के बावजूद रेप की पुष्टि नहीं करने तथा मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में रेप की पुष्टि होने सहित सीतापुर पुलिस की भूमिका को लेकर पत्र लिखा है। पत्र में उल्लेख है कि, सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में रेप की पुष्टि नहीं होना कहीं न कहीं सवालों के घेरे में है। सीतापुर थाना को लेकर भी स्थानीय लोगों एवं मीडिया के माध्यमों से यह जानकारी मिली है कि, सीधे तौर पर पीड़ितों की सुनवाई न करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतापुर से मिले रिपोर्ट को आधार मानकर एफआइआर दर्ज नहीं की गई थी। यह मामला मीडिया सहित अन्य माध्यमों में सामने आया और ऐसा लगा कि अब यह उच्च अधिकारियों तक पहुंचेगा, इसके पश्चात ही मामले में एफआइआर दर्ज की गई, ऐसी चर्चा जनसामान्य में लगातार बनी हुई है। उन्होंने कहा है कि, दोनों ही स्थलों पर चूक होना स्वाभाविक नहीं हो सकता।

आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा है कि, पूरे प्रकरण में सीतापुर पुलिस की भूमिका तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक किस दबाव और किन परिस्थितियों ऐसी रिपोर्ट तैयार किए, दोनों ही स्थानों में जो भी चूक हुई है, इसकी जांच कराते हुए कानूनी तथा विभागीय कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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