अंबिकापुर। स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर की तबियत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया है, उसके पिता का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा प्रताड़त किए जाने से बेटे की तबियत बिगड़ी है। जानकारी के अनुसार राकेश कश्यप शहरी स्वास्थ्य केन्द्र भगवानपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ है। वहीं डॉ. मनीष तिवारी के इंसेंटिव के मामले की जांच पिछले 4 सालों से चल रही है। इसी मामले को लेकर एक बार फिर पूछताछ के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर राकेश कश्यप को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में बुलाया गया था। आरोप है कि यहां 2-3 दिनों से लगातार बुलाकर उसे डांट फटकार लगाते हुए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी हालत खराब हो गई। गंभीर हालत में उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। राकेश कश्यप के पिता कैलाश कश्यप का कहना है कि उसके पुत्र को सीएमएचओ कार्यालय में बुलाकर डॉ. संदीप त्रिपाठी, डॉ. वाईके किंडो, डॉ. मनीष तिवारी व अन्य ने पूछताछ के दौरान प्रताड़ित किया, जिससे उसकी तबियत बिगड़ी है, उसे पूर्व से कोई बीमारी नहीं थी।
प्रताड़ना का मामला नहीं-सीएमएचओ
वहीं सीएमएचओ डॉ. मार्को का कहना है कि प्रताड़ना का कोई मामला नहीं है। कंप्यूटर ऑपरेटर से स्मार्ट कार्ड से डॉक्टरों के द्वारा किए गए इलाज की जानकारी को लेकर चर्चा की गई है। वह अक्सर ड्यूटी से गायब भी रहता था। विभाग द्वारा शॉकॉज नोटिस भी जारी किया गया है।

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