अंबिकापुर। सरगुजा जिला के बतौली थाना क्षेत्र का एक युवक अंबिकापुर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। मृतक दोस्त के साथ किराए के मकान में रहकर पीजीडीसीए की पढ़ाई कर रहा था। आर्थिक तंगी के कारण वह आगे की पढ़ाई कर पाएगा या नहीं, इसे लेकर चिंतित था। उसकी चचेरी बहन भी बीएससी नर्सिंग का परीक्षा देने अंबिकापुर आई थी और भाई के साथ रूकी थी। पुलिस को मृतक के पास एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें वह किसी को दोषी नहीं ठहराते हुए अपनी मर्जी से ऐसा कदम उठाने जैसा किया है।
जानकारी के मुताबिक बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम घोघरा निवासी बटेश्वर पैकरा 25 वर्ष के पिता शोभित राम की मौत हो चुकी है। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठने के बाद उसकी पढ़ाई का खर्च बड़े पिता वहन कर रहे थे। गांधीनगर थाना क्षेत्र के सुभाषनगर, अंबिकापुर में रहने वाले एक लड़के के साथ रहकर वह अपनी पढ़ाई जारी रखा था। छात्र की चचेरी बहन रूपा पैैकरा भी बीएससी नर्सिंग का परीक्षा देने के लिए अंबिकापुर आई थी। सोमवार की शाम को वह खाना खाने के बाद घर से निकला, इसके बाद वापस नहीं लौटा। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो उसकी चचेरी बहन और सहपाठी चिंतित हुए। रात होने के कारण वे आसपास उसकी खोजबीन करने के बाद सुबह उसके तलाश में निकले, तो क्वार्टर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर आम के पेड़ में फांसी पर लटका उसका शव मिला। इसकी जानकारी गांधीनगर थाना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। युवक के पास एक सुसाइड नोट मिला है, जिससे प्रतीत होता है कि पिता के गुजर जाने के बाद मां की परिस्थिति दयनीय थी। ऐसे समय में बड़े पिता ने उसकी पढ़ाई जारी रहे, इसके लिए हरसंभव मदद किया। युवक को रुपये की जरूरत थी, जिसके लिए वह नानी को कहा था। पास में रुपये नहीं होने के कारण नानी ने उसेे रुपये व्यवस्था करके देने के लिए कहा था। संभवत: रुपये की व्यवस्था नहीं होने से उसे इस बात का अफसोस हो रहा था कि पढ़ाई के लिए रुपये कैसे मिलेगा और वह खुदकुशी जैसा कदम उठा लिया। सुसाइड नोट में वह किसी की गलती नहीं होने और चिंता नहीं करने का उल्लेख किया है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया है।

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