जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 6 के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज
अंबिकापुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली तहत चलने वाले 3 राशन दुकानों में समिति के संचालकों द्वारा करीब 65 लाख रुपये का राशन डकारने का मामला जांच में सामने आया है। सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 के बीच इन दुकानों से अनाज का गबन किया गया है। खाद्य निरीक्षक शिव कुमार मिश्रा की शिकायत पर जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति घुटरापारा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 6 लोगों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह समिति अंबिकापुर शहर में 3 उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन करती थी। इन दुकानों में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही थीं।
सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे, जिसमें लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए। जांच में सामने आया कि गरीबों का राशन खुले बाजार में बेचकर अवैध कमाई की जा रही थी। जांच में एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 तक संचालित तीनों शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल, शक्कर और चना की भारी कमी पाई गई। चावल 1631.29 क्विंटल मूल्य 61,62,267.96 रुपये, शक्कर 10.43 क्विंटल 49,160.62 रुपये तथा चना 48.34 क्विंटल, कीमत 2,92,692.09 रुपये कम पाया गया। कुल 64 लाख 94 हजार 120 रुपये 67 पैसे के खाद्यान्न का गबन होना सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है। खाद्य निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, तीनों दुकानों का संचालन एक ही समिति जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के माध्यम से किया जा रहा था।
इनके विरूद्ध किया गया प्राथमिकी दर्ज
जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा द्वारा संचालित दुकान क्रमांक 391001029, 391001054 व 391001071 के अध्यक्ष पवन सिंह, पिता स्व. दीपनारायण, उपाध्यक्ष सुनिता पैकरा, पत्नी गणेश पैकरा, दोनों निवासी घुटरापारा हैं। वहीं सहायक विक्रेता फरहान सिद्दीकी पिता अब्दुल राज निवासी सदर रोड, प्रिंस जायसवाल पिता अरुण जायसवाल, सैफ अली पिता अवाद अली, मुकेश यादव पिता पुरेन्दर यादव दोनों निवासी घुटरापारा हैं। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
भाजपा नेता ने की थी शिकायत
कलेक्टर विलास भोस्कर के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा उचित मूल्य दुकानों की नियमित जांच की जाती है। इसी क्रम में भाजपा नेता आलोक दुबे के द्वारा की गई एक शिकायत को संज्ञान में लेकर सितंबर 2025 में कलेक्टर (खाद्य शाखा), अंबिकापुर के आदेश पर खाद्य निरीक्षक शिव कुमार मिश्रा और सहायक खाद्य अधिकारी ने संयुक्त रूप से घुटरापारा स्थित दुकानों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान दुकानों में वितरित किए गए खाद्यान्न का रिकॉर्ड और गोदाम में वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर सामने आया। पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करके कलेक्टर (खाद्य शाखा) को सौंपने के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना कोतवाली को भेजा गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में समिति द्वारा संचालित दुकानों के रिकार्ड में गड़बड़ी करना पाया गया है। इन खाद्य दुकानों के संचालन की अनुमति अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है।

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