स्वास्थ्य मंत्री ने किया चिरमिरी जिला अस्पताल में 5 बिस्तरीय डायलिसिस यूनिट व 30 बिस्तरों के नवीन प्रथम तल का शुभारंभ

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा सुबह 9 से रात 9 बजे तक सप्ताह के सातों दिन मिलेगी डायलिसिस सेवा, जल्द शुरू होंगे सीटी स्कैन और अटल आरोग्य लैब।

मनेंन्द्रगढ़ (एमसीबी) । जिला अस्पताल चिरमिरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 5 बिस्तरीय अत्याधुनिक डायलिसिस इकाई तथा नवीन प्रथम तल स्थित 30 बिस्तर कक्ष का लोकार्पण मनेन्द्रगढ़ विधायक व छत्तीसगढ़ शासन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिरमिरी क्षेत्र के लोगों को अब डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह सेवा प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसी दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में शीघ्र ही सीटी स्कैन मशीन जो 8 करोड़ रुपये की लागत से, अटल आरोग्य लैब तथा तीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी शुरू की जाएगी। साथ ही डॉक्टरों के लिए 30 आवासीय क्षमता वाली 9 ब्लॉक की आधुनिक डॉक्टर कॉलोनी का निर्माण तेजी से जारी है, जिसका उद्घाटन अगले वर्ष जून तक प्रस्तावित है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वर्गीय पूर्व विधायक दीपक पटेल की डायलिसिस सुविधा के अभाव में हुई असमय मृत्यु ने उन्हें इस दिशा में कार्य करने का संकल्प दिया था। आज उसी संकल्प का परिणाम है कि चिरमिरी में डायलिसिस जैसी अत्याधुनिक सुविधा शुरू हो सकी है।
उन्होंने अस्पताल की प्रगति के आंकड़े भी साझा किए। बताया कि पहले अस्पताल में केवल 4 डॉक्टर, 7 नर्सें और 20 से कम कर्मचारी थे, जबकि वर्तमान में 12 विशेषज्ञ चिकित्सक, 75 नर्सें तथा लगभग 140 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। पहले जहां प्रतिदिन 35 मरीजों की ओपीडी होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 350 तक पहुंच गई है। भर्ती मरीजों की संख्या भी पहले 10 के आसपास रहती थी, जो अब बढ़कर 65 से 70 प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि चिरमिरी में 100 सीटों वाला नर्सिंग कॉलेज, 100 बिस्तरों का मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल तथा अन्य स्वास्थ्य अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही भूकभूकी रोड का डबल लेन निर्माण, पौड़ी-गेल्हापानी बाईपास तथा नई रेल परियोजना के अंतर्गत चिरमिरी, पाराडोल में स्टेशन और मनेंद्रगढ़ में रेल स्टॉपेज जैसी योजनाएं भी क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी।

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