रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- जिला जेल रामानुजगंज से विचाराधीन बंदी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टरों ने विचाराधीन बंदी की गंभीर स्थिति देखते हुए जिला चिकित्सालय बलरामपुर के लिए रेफर कर दिया गया था परंतु रेफर करने के 18 घंटे बाद भी बीमार विचाराधीन बंदी को जिला चिकित्सालय नहीं ले जाया जा सका था जिस कारण उसकी मृत्यु हो गई वहीं मृत्यु के बाद भी परिजनों ने मृत्यु की सूचना घंटों बाद भी नहीं दिए जाने का आरोप लगाया।
                            गौरतलब है कि वाड्रफनगर चौकी के द्वारा एक मामले में संजय विश्वकर्मा उम्र 20 वर्ष आमादोन थाना प्रतापपुर को उसके एक साथी के साथ 1 अगस्त को गिरफ्तार किया था जिसके बाद उसे जिला जेल रामानुजगंज में भेजा गया था संजय के पेट में 8 अगस्त को दर्द होने की शिकायत के बाद उसे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शाम 6:30 बजे के करीब ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जिला चिकित्सालय बलरामपुर के लिए रेफर कर दिया गया परंतु रेफर करने के 18 घंटे के बाद भी संजय को जिला चिकित्सालय नहीं ले जाया गया जिसके बाद दूसरे दिन उसकी 12:00 बज के 10 मिनट में मृत्यु हो गई। वहीं संजय के परिजन देर शाम ही रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन एवं पुलिस के द्वारा मृत्यु की सूचना तक नहीं दी गई जिस कारण हम लोगों को आने में इतना देर लगा। आज जहां एसडीएम एवं तहसीलदार की उपस्थिति में पंचनामा की कार्रवाई हुई वही डॉक्टर शरद गुप्ता एवं डॉ विजय राठौर के द्वारा वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया गया।

*पानी नहीं दिया तड़प तड़प कर मर गया मेरा बच्चा किया हंगामा बुलाना पड़ा सीएएफ  के जवानों को*  आज जब परिजन संजय का पोस्टमार्टम कराने के लिए खड़े थे इसी दौरान बातों बातों में जेल के प्रहरी के द्वारा पानी एवं जूस संजय के द्वारा तड़पने के दौरान मांगने पर गाली गलौज करने की बात सामने आई जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा महिलाएं भला बुरा कहने लगी स्थिति ऐसी हो गई कि थाना प्रभारी राजेश खलखो  एवं अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित थे इसके बाद भी सीएएफ के जवानों को बुलाना पड़ा। भारी संख्या में पुलिस बल की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया।

इस संबंध में जेल अधीक्षक जीएस मरकाम ने कहा कि डॉक्टरों के द्वारा रेफर कर दिया गया था परंतु पुलिस बल की मांग की गई थी परंतु पुलिस बल नहीं पहुंच पाया था जिस कारण मरीज को जिला चिकित्सालय नहीं ले जाया जा सका था।

इस संबंध में विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कैलाश ने कहा कि मरीज को 8 अगस्त की शाम 6:30 बजे लाया गया था जिसकी गंभीर स्थिति देखते हुए 7 बजे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया था परंतु उसे जिला चिकित्सालय नहीं ले जाया गया वही उसकी मृत्यु दूसरे दिन दोपहर 12:10 में हो गई।

Categorized in: