हर वाहन में शोरूम कीमत से 40 प्रतिशत डिस्काउंट का रांची झारखंड के व्यक्ति ने दिया था प्रलोभन


सात सौ से अधिक लोगों ने कराया वाहन फाइनेंस, फाइनेंसर किश्त के लिए बनाया दबाव तो उड़ गए होश  

गिरजा ठाकुर


अंबिकापुर। रांची झारखंड के एक व्यक्ति ने 40 प्रतिशत डिस्काउंट में सोल्ड दोपहिया, चारपहिया वाहन दिलाने का सब्जबाग दिखा छत्तीसगढ़ के सात सौ से अधिक लोगों को सोल्ड वाहन का स्वामी तो बना दिया लेकिन करोड़ों रुपये की चपत भी लगा दी। विभिन्न वाहनों के शोरूम में लगभग 30 प्रतिशत डाउन पेमेंट देने के बाद ये मनपसंद वाहन फाइनेंस करा लिए और 30 प्रतिशत राशि झारखंड की कंपनी के चेयरमैन के हवाले कर दिया। कंपनी के चेयरमैन ने वाहन स्वामियों को आश्वस्त किया कि इसके बाद वाहन की निर्धारित ईएमआई का भुगतान उन्हें नहीं करना होगा। कंपनी की ओर से खरीदी गई वाहनों की ईएमआई का कुछ महीने भुगतान भी किया गया, जिससे उन्हें फाइनेंस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं था। जब चिटफंड कंपनी ने ईएमआई का भुगतान नहीं किया तो फाइनेंसर वाहन स्वामियों पर ईएमआई की राशि देेने के लिए दबाव बनाने लगे। कई गाडिय़ां फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ईएमआई का भुगतान नहीं होने पर खींच कर ले गए। परेशान वाहन मालिकों ने रांची झारखंड के मल्लिकार्जुन ट्रेडिंग के चेयरमैन की तलाश शुरू की। बीते मंगलवार को इन्हें पता चला कि चिटफंड कंपनी का चेयरमैन अंबिकापुर किसी काम से आया है, तो उसकी तलाश में बिलासपुर सहित अन्य जगहों से वे लोग पहुंच गए, जिन्हें फाइनेंस में वाहन प्राप्त हुई थी, लेकिन ईएमआई का भुगतान नहीं होने के कारण उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। छल का शिकार हुए लोगों ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी और चेयरमैन से राशि दिलाने का आग्रह करते हुए उसे हिरासत में लेने के लिए कहा। इनके द्वारा आशंका जाहिर की गई थी कि कंपनी का चेयरमैन कहीं भागने की फिराक में है। पुलिस ने डवरा पुलिस के सहयोग से उसे कब्जे में ले लिया। ठगी का शिकार हुए लोगों में कई लोग दरिमा क्षेत्र के थे, ऐसे में पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन को अग्रिम जांच कार्रवाई के लिए दरिमा पुलिस के सुपुर्द किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि कई लोगों ने 10 से 15 लाख की लग्जरी चार पहिया वाहन अपनी जरूरत के अनुरूप 40 प्रतिशत डिस्काउंट मिलने के प्रलोभन में आकर खरीदी की थी।
पीडि़त डटे रहे कोतवाली में
बुधवार को सरगुजा जिला सहित प्रदेश से अलग-अलग जगहों से लगभग तीन दर्जन पीडि़त कोतवाली अंबिकापुर पहुंंचे थे। इनका कहना था कि झारखंड रांची की मल्लिकार्जुन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा 40 प्रतिशत डिस्काउंट में उन्हें दो व चार पहिया वाहन फाइनेंस कराया है। सरगुजा सहित छत्तीसगढ़ के अन्य जगहों के लोग झांसे में आकर महंगी कार व मोटरसाइकिल फाइनेंस करा लिए। किश्त की अदायगी बंद हुई तो फाइनेंस कंपनी उन पर दबाव बनाने लगी। इधर कंपनी का कर्ताधर्ता करोड़ों रुपये लेने के बाद चुप्पी साध लिया, जबकि उन्होंने कंपनी के खाते में 30 प्रतिशत रकम जमा कराया है, 30 प्रतिशत राशि शोरूम में दी थी वहीं कंपनी के चेयरमैन ने 40 प्रतिशत डिस्काउंट में वाहन स्वामी बनने का झांसा दिया था। वाहन फाइनेंस होने के बाद कंपनी द्वारा किश्त अदायगी का करारनामा दिया गया था।
परिचितों को भी जोड़ा
वाहन स्वामियों ने बताया कि उनके मार्फत कई लोगों ने 40 प्रतिशत डिस्काउंट के प्रलोभन में आकर गाडिय़ां खरीदी थी। कुछ लोगों ने तो 10 से 15 परिचितों को वाहन फाइनेंस करा दिया था। इसके एवज में कंपनी की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप चार से पांच सौ रुपये दिया जाता था, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों को कंपनी से जुड़कर गाड़ी खरीदने के लिए प्रेरित करें। गाड़ी खिंचाने की स्थिति बनने के बाद वे स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं।

केस-1
बिलासपुर के विनोद तिर्की ने बताया कि वह होंडा साइन वाहन 40 प्रतिशत डिस्काउंट के लोभ में आकर कोटा से 30 प्रतिशत डाउनपेमेंट देकर खरीदा था। वाहन खरीदने के कुछ माह तक किश्त की अदायगी कंपनी के माध्यम से हो रही थी, जिससे उस पर ईएमआई अदा करने का दबाव नहीं था। जब कंपनी ने किश्त अदा करना बंद कर दिया तो उन पर फाइनेंस कंपनियों का दबाव बनने लगा और गाड़ी खींचकर ले जाने की नौबत बन गई।


केस-2
दरिमा थाना क्षेत्र के कर्रा निवासी प्रमोद ने इनोवा वाहन डिस्काउंट के प्रलोभन में आकर क्रय कर लिया। इस दौरान उसने 30 प्रतिशत डाउनपेमेंट शोरूम में किया था। 30 प्रतिशत राशि मल्लिकार्जुन कंपनी के चेयरमैन को दी थी। इसके बाद कुछ माह किश्त की रकम फाइनेंसर को दी गई, बाद में किश्त की राशि अदा नहीं की गई। ऐसा ही कुछ मोटरसाइकिल खरीदे चितरपुर, धौरपुर के परमेश्वर, नागेश सहित अन्य के साथ हुआ।

कोतवाली में 40 प्रतिशत डिस्काउंट में रांची झारखंड की मल्लिकार्जुन कंपनी के द्वारा वाहन दिलवाने का मामला विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों के द्वारा सामने लाया गया था। मामला अग्रिम कार्रवाई के लिए दरिमा थाना पुलिस के हवाले किया गया है।
रूपेश नारंग
एसएचओ, कोतवाली
 

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