अम्बिकापुर। जिले के गांवों में अब सामुदायिक शौचालयों को लेकर एक नया नवाचार शुरु हुआ है। जिसके सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं। सरगुजा अंचल में स्वच्छ भारत मिशन को लेकर नई कहानी लिखी गई। जिसमें शौचालयों को सिर्फ साफ रखना ही मकसद नहीं था, बल्कि उन शौचालयों के माध्यम से कई परिवारों के लिए रोजी रोटी का इंतजाम भी करना था। जिन गांवों में जहां रोजगार की संभावनाएं कम रहती है, अब उन्हीं गांवों के लिए अब सामुदायिक शौचालय मॉडल के तौर पर विकसित किए जा रहे हैं। सरगुजा के लगभग सभी गांवों में ऐसे शौचालय बनाए गए, लेकिन उनमें से प्रयोग के तौर पर सिर्फ 25 शौचालयों को रोजगार देने के लिए तैयार किया गया। जो अब 25 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान ला रहे हैं।

मॉडल कम्यूनिटी टॉयलेट से जगी उम्मीद की किरण
जब भी कोई अपने घर से बाहर होता है तो उसके लिए सबसे जरुरी चीज जो होती है वो है साफ शौचालय.छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की हालत ठीक नहीं है, क्योंकि सरकारी योजनाओं के सहारे शौचालय बन तो जाते हैं लेकिन इन्हें साफ सुथरा रखकर मेंटेन करना थोड़ा मुश्किल भरा काम है। यही वजह है कि ज्यादातर शौचालय कुछ दिनों बाद इस्तेमाल लायक नहीं रहते। इस समस्या को दूर करने के लिए सरगुजा में कुछ ऐसे मॉडल कम्युनिटी टायलेट बनाए गए हैं, जो अब रखरखाव के अभाव में अनुपयोगी नही होंगे। इतना ही नहीं इन शौचालयों में ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।

शौचालय बने कमाई का जरिया
सरगुजा में जिला पंचायत ने 25 सामुदायिक शौचालयों को मॉडल शौचालय के तौर पर विकसित किया है। जिसके तहत शौचालयों के साथ दुकान बनाए गए। फिर इन दुकानों को स्वच्छाग्राही समूहों को बांटा गया। समूह को सिर्फ करना ये है कि शौचालयों का रखरखाव करना है, साथ ही साथ समूहों को दुकान का किराया भी नहीं देना है। इस स्कीम के तहत 25 शौचालयों में पायलट प्रोजेक्ट शुरु किया गया। जिसका अच्छा प्रतिसाद देखने को मिला।

जिले में 25 मॉडल शौचालय
सरगुजा जिले में सामुदायिक शौचालयों के आंकड़ों पर नजर डाले तो जिले भर में करीब 450 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। लेकिन इनमें से 25 शौचालय नए माडल के तहत बनाए गए हैं। मतलब 25 सामुदायिक शौचालयों में दुकान निकालकर उसे स्वच्छाग्राही समूह को दिया गया है। लेकिन अब जिला पंचायत स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए सभी सामुदायिक शौचालयों को इसी माडल की तर्ज पर विकसित करने की योजना बना रहा है।

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