बिश्रामपुर। सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया और आर्थिक बर्बादी का जाल बिछाया। यह घटना है जयनगर थाना क्षेत्र के उस ठगी प्रकरण की जिसने एक आम नागरिक की जमा-पूंजी को फर्जी निवेश योजना में लूट लिया। मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में फैलते जा रहे फर्जी निवेश गिरोहों के एक बड़े रैकेट की ओर इशारा करता है। जयनगर पुलिस ने बताया कि ग्राम पंचायत जयनगर मुस्लिमपारा निवासी 40 वर्षीय प्रार्थी रकीबुल को आरोपी बसदेई चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जूर निवासी अहमद रजा अंसारी, महबूब हुसैन उर्फ अहमद, निजामुद्दीन उर्फ बसारत अली और रुकसाना खातून उर्फ रूबीना ने यह कहकर फंसाया कि वे शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मात्र 3 महीने में दोगुना रिटर्न देंगे। ऐसे वादों से रकीबुल ने पहले 7 रुपए लाख नकद और बाद में यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 14 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए थे। जब समय बीतने के बाद पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी अहमद रजा ने 28 लाख रुपए का एक चेक सौंपा, लेकिन जब वह चेक बैंक में लगाया गया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही जयनगर पुलिस ने एसएसपी प्रशांत सिंह ठाकुर के निर्देश पर जयनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 मई की रात मुख्य आरोपियों क्रमशः अहमद रजा अंसारी और महबूब हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के घर से कई अहम सबूत बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के घर से फर्जी निवेश योजना के दस्तावेज, 28 लाख रुपए का चेक, शेयर मार्केट के नाम पर इस्तेमाल होने वाले 4 एलईडी मॉनिटर, 1 सीपीयू, स्टैंड, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड आदि को जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 3 (5) तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही की है। पुलिस ने माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के समक्ष न्यायिक रिमांड की मांग की है और दोनों आरोपियों को 4 जून 2025 तक रिमांड पर रखने की अनुमति मांगी है। इस रैकेट में शामिल दो अन्य आरोपी निजामुद्दीन उर्फ बसारत अली और रूकसाना उर्फ रूबीना अब भी फरार हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है और जल्द ही दोनों को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया जा रहा है। कार्यवाही में जयनगर थाना प्रभारी टीआई नरेंद्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सोहन सिंह, सहायक उपनिरीक्षक विशाल मिश्रा, रघुवंश सिंह, प्रधान आरक्षक राजेंद्र एक्का, दीपक दुबे, आरक्षक विकास मिश्रा व अन्य सक्रिय रहे।

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