छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का चक्काजाम तात्कालिक सहायता राशि देने के बाद टला

रविवार की रात बाक्साईट उत्खनन के नाम पर की गई थी बेकसूर ग्रामीणों से बेदम मारपीट

अंबिकापुर/बलरामपुर। जिले के कुसमी थाना अंतर्गत अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच के नाम पर एक बुजुर्ग सहित तीन लोगों की बेदम पिटाई से बुजुर्ग की मौत के मामले में कोरंधा थाना पुलिस ने एसडीएम सहित चार आरोपियों के विरूद्ध हत्या, मारपीट का मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के साथ आक्रोशित लोगों ने कुसमी, शिव मंदिर चौक में चक्काजाम कर दिया था, और हत्यारों को फांसी दो का नारा लगाते हुए हत्या का मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। आक्रोश को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। प्रशासन की ओर से तत्कालिक सहायता राशि के रूप में एक लाख रुपये अपर कलेक्टर, कुसमी जनपद सीईओ ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष के समक्ष मृतक के पुत्र को दिया। काफी समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ, और शव लेकर स्वजन रवाना हो गए, वहीं कांग्रेसजन कुछ देर तक मौके पर डटे रहे। घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात करीब 09 बजे कुसमी ब्लॉक के ग्राम हंसपुर में अवैध बॉक्साइट खनन की सूचना पर एसडीएम करुण कुमार डहरिया अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान खेत से लौट रहे तीन ग्रामीण रामनरेश राम (62), अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) को रोका और इनसे पूछताछ की। इसके बाद अवैध उत्खनन का आरोप लगाते हुए एसडीएम और उनके साथ मौजूद लोगों ने रॉड, डंडे और लात-घूंसों से इनकी पिटाई कर दी, जिससे तीनों बेहोशी की हालत में पहुंच गए थे। इन्हें कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एसडीएम के वाहन चालक व अंगरक्षक ने पहुंचाया, यहां रामनरेश राम की मौत हो गई, दो घायलों का उपचार जारी है। घायल आकाश अगरिया और अजीत उरांव का कहना है कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई करके लौट रहे थे और बिना किसी पूछताछ, जांच के उन पर एसडीएम सहित अन्य हमलावर हो गए। सूत्र बताते हैं कि मारपीट के बनी स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने वास्तविक तस्वीर को बदलने का प्रयास किया और मौके पर एक नायब तहसीलदार को बुलवाया था ताकि पूरा राजस्व अमला अवैध खनन की जांच करने के लिए गया था, कहानी बन सके। हालांकि घटना सामने आने के बाद पुलिस अधिकारी पहले से ही सजग थे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति बनने से पहले ही आरोपियों को अपने कब्ज्े में पुलिस ले ली थी। वहीं मामले में मर्ग कायम करके कोरंधा थाना पुलिस अग्रिम जांच, कार्रवाई में जुटी और ग्रामीणों का बयान लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा सामने लाए गए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने जनक्रोश को देखते हुए एसडीएम सहित चार आरोपियों के विरूद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है। इधर पूरे प्रदेश में यह घटना प्रशासनिक जवाबदेही और कानून व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में ले रही है।

भूपेश ने कहा ‘प्रशासनिक आतंकवाद, अमरजीत ने ‘सरकार पर धब्बा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स पर पोस्ट कर घटना को ‘प्रशासनिक आतंकवादÓ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में प्रशासनिक तंत्र बेलगाम हो गया है और निर्दोष ग्रामीण इसकी कीमत जान देकर चुका रहे हैं। बघेल ने अपने पोस्ट में कहा कि अवैध बॉक्साइट उत्खनन के मुद्दे पर पहले ग्रामीणों ने एक ट्रक पकड़ा, उसी का परिणाम इन्हें भुगतना पड़ा। उन्होंने राज्य सरकार और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया है। वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने घटना के परिप्रेक्ष्य में करारा प्रहार करते हुए कहा है कि अवैध बाक्साइट खनन में एसडीएम की संलिप्तता थी, जिसे रोकने ग्रामीणों ने गाड़ी रूकवाई थी। इसके बाद एसडीएम ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर ग्रामीणों की पिटाई कर दी। घटना सरकार पर धब्बा है।

इन पर हत्या का अपराध दर्ज
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर ने मामले की गंभीरता से लिया है, और जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके बाद मामले में एसडीएम करूण कुमार डहरिया के अलावा विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव, सुदीप यादव के विरूद्ध बीएनएस की धारा 103 (1), 115 (2), 3 (5) का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा।

एसडीएम का विवादों से है पुराना नाता

बता दें कि मामले में आरोपी एसडीएम करुण डहरिया के विरूद्ध पूर्व में जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थापना दौरान एक छात्र को थप्पड़ जड़ दिए थे, इसके बाद उनके खिलाफ प्रदर्शन हुआ था। नवंबर 2022 में गरियाबंद में जनपद सीईओ रहते हुए नलकूप खनन का बिल पास करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

पुलिस की जांच में आया यह तथ्य सामने
कोरंधा थाना प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह कोमरे ने मर्ग जांच के दौरान चस्मदीद साक्षी राजेन्द्र पैकरा, देवचंद पैकरा एवं परिजनों तथा आहतों का कथन लेकर घटना स्थल निरीक्षण किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं संपूर्ण जांच में सामने आया कि घटना दिनांक 15.02.2026 को 09 बजे रात आरोपी एसडीएम करूण डहरिया, विक्की सिंह, मंजीत कुमार यादव एवं सुदीप यादव अवैध बॉक्साइड खनन कर परिवहन करवा रहे हंै कहते हुए लकड़ी के डण्डा एवं हाथ, लात-मुक्का से राम उर्फ रामनरेश पिता रेंगहा 62 वर्ष निवासी ग्राम हंसपुर एवं अजीत राम पिता लाल चंद उम्र 60 वर्ष, आकाश अगरिया पिता रूपसाय अगरिया 20 वर्ष से मारपीट किए, जिसमें तीनों को चोट आई थी, जिसमें से राम उर्फ रामनरेश पिता रेगहा की 15 फरवरी को रात करीब 12.14 बजे मौत हो गई। डॉ. सोहन लाल के द्वारा मृतक राम पिता रेगहा 62 वर्ष के मृत्यु के संबंध में लिखित तहरीर पुलिस को प्रेषित की गई थी। घटना की सूचना 16 फरवरी को कुंजदेव भगत पिता स्व. वेदीराम 46 वर्ष से मिलने पर पुलिस ने शुरू में मर्ग इंटीमेशन कायम करके शव का पंचनामा कार्रवाई किया था। पुलिस के संज्ञान में लाया गया था कि राम उर्फ रामनरेश 62 वर्ष को 15 फरवरी की रात 10.50 बजे बेहोशी के हालत में एसडीएम के चालक सत्यप्रकाश तथा अंगरक्षक भीष्म पादव द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुसमी लाया गया था, जिसका प्राथमिक उपचार करके अं्िरबकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन लेकर नहीं गए, और 16 फरवरी को उसकी मृत्यु हो गई।

 

 

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