ग्रामीणों ने सरपंच और वन अधिकार समिति अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
कब्जा किसी का, पट्टा किसी और को नाम देने से आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा-गांव का माहौल बिगड़ा
अंबिकापुर। उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पेंडरखी में बड़े पैमाने पर अपात्रों का वन अधिकार पट्टा व राजस्व अभिलेखों में अवैध प्रविष्टि का आरोप सरगुजा कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचे ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के वर्तमान सरपंच व वर्तमान वन अधिकार समिति अध्यक्ष की मिलीभगत से अडानी से मुआवजा का लाभ लेने के लिए बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला किया गया है। पात्र हितग्राही वन अधिकार पट्टा के लिए एक दशक से राह देख रहे हैं, वहीं कब्जा किसी का, पट्टा किसी और को दिलाने से ग्रामीण आक्रोशित हैं।
जानकारी के मुताबिक सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील अन्तर्गत ग्राम पेंडरखी में वर्तमान सरपंच विराजो बाई और कलम साय पिता छोटे करिया वन अधिकार समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं, जो आपस में पति-पत्नि है। दोनों के द्वारा मिलकर दूरस्थ ग्राम के भोले-भाले आदिवासी समाज के लोगों को वन अधिकार पट्टा के नाम पर पिछले 10 वर्षों से छला जा रहा है। आरोप है कि इनके द्वारा पूर्व में ग्रामवासियों से वन अधिकार पट्टा दिलाने के नाम पर मोटी रकम की वसूली की गई, लेकिन आज तक इनके द्वारा केवल अपने करीबी व ज्यादा रकम देने वालों को वन अधिकार पट्टा बनवाकर दिया गया है। वन अधिकार पट्टा देने में प्रक्रियाओं की भारी अनदेखी की गई है। कई जगह पर कब्जाधारक के नाम पट्टा न देकर अपने करीबी को लाभ दिलाने का काम किया जा रहा है, जिससे गांव में स्थिति विस्फोटक हो गई है। आए दिन भूमि पर काबिज ग्रामवासी और फर्जी तरीके से प्राप्त पट्टाधारकों के बीच विवाद व मारपीट की स्थिति निर्मित हो रही है, जिससे गांव का माहौल अशांत हो गया है। गांव के कई ग्रामीण भूमिहीन हैं और 70-80 वर्षों से वन भूमि पर काबिज हैं, जिनका वन अधिकार पट्टा स्वीकृत किया जाना आवश्यक है, लेकिन सरपंच व वन अधिकार समिति अध्यक्ष के कृत्यों की वजह से आज दिनांक तक सही और योग्य व्यक्तियों को पट्टा स्वीकृत नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने कलेक्टर सरगुजा से ग्राम पेंडरखी के समस्त वन अधिकार पट्टा की सूक्ष्मता से जांच कराने और अवैध पट्टा निरस्त करते हुए विधिसंगत प्रकियाओं के तहत वास्तविक कब्जाधारकों के नाम वन अधिकार पट्टा स्वीकृत करने की मांग की है। ग्रामीणों ने वर्तमान सरपंच व वन अधिकार समिति अध्यक्ष के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की है। कलेक्टर से मुलाकात करने के लिए पहुंचे ग्रामीणों में परमेश्वर सारथी, जयपाल राम, बंधन, एतवार, रामलाल, मुन्ना राम, पंचू राम, बंधु राम, जीतू राम, जयराम, बिहानु राम, संत राम, बिलास राम सहित काफी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
बैंकों से लिया लोन का लाभ
ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी हल्का नंबर 24, रा.नि.मं. केदमा में वृहद स्तर पर फर्जी पट्टा बनाया गया है, इसके आधार पर राजस्व अभिलेखों में पट्टाधारियों का नाम वर्तमान बी-1 में भू स्वामी के रूप में दुरूस्त और प्रविष्ट किया गया है। पट्टा प्राप्त करने के बाद बैंकों से लोन लेने की जानकारी भी ग्रामीण दे रहे हैं। ऐसे 13 भूमि स्वामियों का नाम भी कलेक्टर के संज्ञान में लाया गया है। ग्रामीणों ने राजस्व रिकार्ड में दर्ज अवैध प्रविष्टियों को निरस्त करने की मांग की है।

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