गरीब परिवार के कम पढ़े-लिखे लोगों का सरकारी नौकरी का सपना कैसे होगा पूरा
अंबिकापुर। स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी पद, वार्ड बॉय व वार्ड आया के लगभग 200 से अधिक पदों हेतु व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित किया जाना समक्ष से परे है। सेवा भर्ती नियम अनुसार अस्पतालों में सफाई कर्मचारियों का अहर्ता 8वीं है। इसके लिए व्यापम द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करना अव्यहारिक प्रतीत होता है। प्रतियोगी परीक्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्र या गरीब परिवार के लोग जिनकी शिक्षा कक्षा 8वीं तक है, या लगभग समान्तर है, इनके अधिकारों का हनन होगा। प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पदों को भरने की प्रक्रिया में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं समान्तर उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थी भी परीक्षा में सम्मलित हो रहे हैं, ऐसे में कम पढ़े-लिखे गरीब परिवार के लोग जो ऐसे पदों पर सरकारी नौकरी का सपना संजोए बैठे हैं, क्या उनका सपना पूरा हो पाएगा, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल ये भी है कि चतुर्थ वर्ग के वार्डबाय, वार्ड आया, सफाई कर्मचारी, स्वीकृत अन्य पद पर उच्च शिक्षा प्राप्त लोग शासन के मंशा अनुरूप नियुक्त होते हंै, तो क्या वे चतुर्थ वर्ग पदों के कार्य प्रकृति अनुसार कार्य करेंगे।
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अंतर्गत संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एवं संचालनालय चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत प्रदेश के अस्पताल एवं कार्यालय संचालित हैं, इसके लिए कर्मचारियों का पद संरचना शासन द्वारा स्वीकृत है। इन पदों को भरने के लिए भर्ती पदोन्नति नियम चिकित्सा शिक्षा एवं संचनालय स्वास्थ्य सेवाएं पृथक-पृथक बना हुआ है। चिकित्सा शिक्षा एवं संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं अंतर्गत स्वीकृत पदों का पदनाम एवं योग्यता 90 प्रतिशत पदों में एक समान है। इसके बावजूद संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एवं चिकित्सा शिक्षा के चतुर्थ वर्ग पदों का भर्ती नियम समान पदों के लिए एक समान नहीं होना समझ से परे है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, सेवा भर्ती नियम, छत्तीसगढ़ राजपत्र दिनांक 19.02.2024 के नियम 06 एक (क) अनुसार भर्ती का तरीका प्रतियोगी परिक्षा और चयन मेरिट के आधार पर सीधी भर्ती द्वारा किया जाना है, जबकि संचालनालय चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र दिनांक 24.09.2019 के अनुसार भर्ती का तरीका नियम 6 एक (क) अनुसार प्रतियोगी परिक्षा/मेरिट के आधार पर चयन के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा किया जाना था, जिसे संशोधित करते हुए छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा चतुर्थ श्रेणी सेवा भर्ती नियम दिनांक 02.11.2022 में संशोधन करते हुए साक्षात्कार शब्द का विलोप किया गया है। इसके अनुसार चतुर्थ श्रेणी पदों पर मेरिट के आधार पर भर्ती किया जाना है। ऐसे में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत समान नाम एवं अहर्ता वाले पदों का कार्य प्रकृति समान होने के बाद अलग-अलग भर्ती नियम होना त्रुटि एवं अव्यवहारिक प्रतीत होता है।
प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अव्यवहारिक निर्णय करार दिया
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने शासन-प्रशासन का ध्यान अव्यवहारिक निर्णय की ओर कराया है और मांग की है, अस्पतालों के चतुर्थ श्रेणी पदों पर जनहित में प्रतियोगी परीक्षा न लेकर मेरिट अनुसार नियुक्ति की जाए, ताकि अहर्ताधारी अभ्यर्थी की नियुक्ति हो सके और अस्पताल की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। कम पढ़े-लिखे गरीब परिवार के लोगों का भी सरकारी नौकरी का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किए गए घोषणा अनुसार छत्तीसगढ़ शासन समान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 05.12.2015 का आशय भी यही था कि चतुर्थ श्रेणी पदों पर मेरिट के आधार पर भर्ती किया जाना उचित एवं न्यायसंगत प्रतीत होता है, तृतीय श्रेणी (गैर कार्यपालिक) पदों पर नियुक्ति में साक्षात्कार को समाप्त किया जाना चाहिए।

Categorized in: