मालिक का बेल्ट से गला दबाने का प्रयास, गड्ढे में कूदकर वाहन स्वामी ने बचाई जान

अंबिकापुर। मैनपाट घूमने के लिए अंबिकापुर से स्कार्पियो वाहन बुकिंग कराकर निकले सवारों की वापस आते समय नियत डोल गई और चालक सह वाहन स्वामी का बेल्ट से गला दबाते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। इनकी खतरनाक मंशा सामने आने पर आनन-फानन में खुद को इनके चंगुल से मुक्त करके वाहन स्वामी गेट खोलकर भागा और सड़क के किनारे एक गड्ढे में छलांग लगाकर छिप गया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आरोपी वाहन मालिक का मोबाइल फोन सड़क के किनारे फेंककर स्कार्पियो वाहन लेकर भाग गए। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के द्वारा जिले सहित सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में सूचना देकर कराई गई नाकाबंदी के फलस्वरूप आरोपी कोरबा जिला के बांगो जंगल क्षेत्र में स्कार्पियो वाहन को लावारिस हाल में छोड़कर फरार हो गए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक भ_ी रोड केदारपुर, अंबिकापुर निवासी अंकित सिन्हा के मोबाइल फोन में 10 फरवरी को सुबह करीब 10.35 बजे पुराना बस स्टैंड से एक व्यक्ति ने कॉल करके मैनपाठ जाने और आने के लिए कुछ लोगों के द्वारा वाहन तलाशने की जानकारी दी और पुराना बस स्टैंड में कुमार कलेक्शन के पास स्कार्पियो वाहन लेकर आने के लिए कहा। इस पर अंकित ने ड्रायवर नहीं होने की बात कहते हुए स्वयं अपना स्कार्पियो वाहन क्रमांक सीजी 16 सीजे 5333 लेकर पुराना बस स्टैंड में पंचर दुकान के पास पहुंच गया। वाहन आने के बाद कपड़ा दुकान में मौजूद 04 व्यक्ति आए और घूमने व जरूरी काम से मैनपाठ चलने का आग्रह करते हुए उसे जाने के लिए राजी कर लिए। इसके बाद सभी अपना-अपना बैग गाड़ी के पीछे रख दिए और मैनपाठ के उल्टापानी में दोपहर करीब 12 बजे पहुंच गए। यहां से चारों सवारों को लेकर अंकित, टाइगर पाइंट दोपहर करीब 01.30 बजे पहुंचा। दलदली पाइंट घूमने के बाद शाम करीब 05 बजे चारों के साथ वाहन स्वामी मैनपाठ के ही होटल में नास्ता किया, और सभी वापस अंबिकापुर आने के लिए निकले। वाहन बुकिंग कराकर निकले लोगों ने वाहन स्वामी को अंबिकापुर पहुंचने के बाद रेल्वे स्टेशन छोड़ देने के लिए कहा। बरगई चौक के पास सूनसान में शाम करीब 07 बजे सामने सीट में बैठे व्यक्ति ने उल्टी लगने की बात कहते हुए गाड़ी को रोकने कहा, जिस पर अंकित सड़क के किनारे अपनी स्कार्पियो वाहन को रोक दिया। सामने बैठे व्यक्ति के गाड़ी से उतरने के बाद पीछे बैठा दूसरा व्यक्ति भी उल्टी लगने की बात कहते हुए गाड़ी से नीचे उतर गया। इसके बाद सामने बैठा व्यक्ति हाथ-मुंह धोकर वाहन चालक के गेट के पास आकर खड़ा हो गया। इनकी साजिश से वाहन स्वामी अनभिज्ञ था। अचानक चालक के सीट के पीछे बैठा व्यक्ति बेल्ट से अंकित सिन्हा के गले को दबाकर पीछे की तरफ खींचने लगा, जिससे वह हड़बड़ा गया और स्वयं को खतरे में देखकर जैसे-तैसे संघर्ष करके वह बेल्ट को अपने गले से निकाला और स्कार्पियो का गेट खोलकर भागने लगा। चारों व्यक्ति उसे दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश किए। खुद को खतरे में देखकर वाहन स्वामी सड़क के किनारे एक गड्ढे में कूदकर छिप गया। चारों को जब वह कहीं नजर आया तो वापस गाड़ी के पास आ गए और स्कार्पियो वाहन में रखे अंकित के मोबाइल फोन को थोड़ी दूर में सड़क के किनारे फेंककर वाहन लेकर भाग गए। इनके जाने के बाद अंकित मोबाइल फोन से स्वजन सहित अन्य से संपर्क करके घटना की जानकारी देकर दरिमा थाने पहुंचा और मैनपाट घूमने के नाम पर स्कार्पियो वाहन में सवार हुए लोगों के द्वारा वाहन लूटकर ले जाने की जानकारी दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।

एसएसपी ने किया अलर्ट, वाहन छोड़कर भागे लुटेरे
दरिमा थाना प्रभारी राजेश खलखो ने बताया कि स्कार्पियो वाहन लूटकर भागने की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई थी, जिस पर डीआईजी व एसएसपी राजेश अग्रवाल ने जिले के सभी थाना व सीमावर्ती क्षेत्रों की पुलिस को अलर्ट करके वाहनों की चेकिंग करने के लिए अलर्ट किया था। कोरबा पुलिस द्वारा भी वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। पुलिस की सख्ती देखकर बदमाश स्कॉर्पियो को कोरबा के जंगल में लावारिस हाल में छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

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