राष्ट्रव्यापी संविधान बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस ने जिला स्तरीय रैली, सभा का आयोजन किया
अंबिकापुर। आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम संविधान बचाओ अभियान के तहत मंगलवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में अंबिकापुर में कांग्रेस ने जिला स्तरीय रैली और सभा का आयोजन किया। भारी बारिश के बावजूद कांग्रेसजनों ने भीगते हुए रैली में सहभागिता दी। रैली राजीव भवन से गांधी चौक पहुंची, यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के उपरांत अम्बेडकर चौक पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। अम्बेडकर चौक से वापसी में घड़ी चौक में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत एवं अन्य कांग्रेसजनों ने पुष्प अर्पण किया।
रैली के पूर्व आयोजित सभा में पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के इस कथन से की, मैंने सभी धर्मों के मार्ग का उपयोग ब्रम्हा की प्राप्ति के लिए किया है। उन्होंने कहा जिस देश में स्वामी विवेकानंद जैसे सर्वधर्म समभाव का संदेश देने वाले संत हुए वहां आज अस्सी-बीस का बोलबाला है। इसी भावना से मौजूदा भाजपा के लोगों के द्वारा सार्वजनिक रूप से संविधान बदलने की बात करने और मनुस्मृति को संविधान बनाने की वकालत की जा रही है, जिस कारण संविधान बचाओ अभियान की जरूरत पड़ी। संविधान बदलने के लिए 2024 के चुनाव में 400 सीट लाने का नारा देकर इसे हासिल करने के लिए भाजपा ने घोर धार्मिक ध्रुवीकरण किया। भाजपा का संविधान पर प्रहार जारी है। स्वतंत्रता की लड़ाई में कांग्रेस के नेतृत्व में यह सुनिश्चित कर लिया गया था कि स्वतंत्र भारत में लोगों के द्वारा चुनी गई लोकतांत्रिक सरकार रहेगी, जिसके लिए चुनाव होगा और वो सरकार लिखित नियम से चलेगी, इसे संविधान कहा गया। स्वतंत्र भारत अपने गौरवशाली संविधान के पथ पर चलकर आजादी के 70 सालों तक बेरोकटोक देश और नागरिकों का सम्मान बढ़ाया। मनुस्मृति कहता है कि राजा का पुत्र ही राजा होगा। मैं राजपरिवार से हूं लेकिन इस बात का घोर विरोधी हूं और लोकतंत्र का समर्थक हूं। वास्तव में मनुस्मृति अगड़ी जातियों जो हिंदुओं की आबादी का मात्र 7 प्रतिशत है, के हित की बात करती है। मनुस्मृति 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ 50 प्रतिशत को 7 प्रतिशत अगड़ी जातियों के सेवक के रूप में प्रस्तुत करता है और भाजपा और संघ परिवार इसी मनुस्मृति को देश का संविधान बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर में हुए आश्चर्यजनक युद्धविराम के लिए तथाकथित विश्वगुरु और नॉनबायोलॉजिकल प्रधानमंत्री किसके दबाव में आ गए। सुनने में आ रहा है कि अमेरिका में उनके व्यवसायिक मित्र मुकदमे में फंसे हैं। युद्धविराम और मुकदमे के संबंध को समझना होगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि राज्यपालों के माध्यम से विपक्षी राज्यों के ऐसे विधेयकों को भाजपा रोकती है जो अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के हित से संबंधित है। ये संविधान की भावना के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश में आरक्षण की सीमा 76 प्रतिशत बढ़ाने का विधेयक पारित कर राज्यपाल को भेजा था, लेकिन भाजपा के उच्च नेतृत्व के इशारे पर राज्यपाल ने इसे लटका दिया। भाजपा देश को ऐसी स्थिति में ले जा रही है जिसमें जिसकी लाठी उसकी भंैस की कहावत चरितार्थ हो रही है। सभा का संचालन कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने किया। सभा को 20 सूत्रीय कार्यक्रम के पूर्व उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, पीसीसी महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह, हेमंत तिवारी, उदयपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजनाथ सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा सोनी, पूर्व पार्षद शमा परवीन, युवा कांग्रेस अंबिकापुर के ब्लॉक अध्यक्ष शुभम जायसवाल ने भी संबोधित किया। रैली एवं सभा मे कांग्रेस जिला कार्यकारिणी के साथ ही कई सांगठनिक ब्लॉक के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
मोदीजी के लिए अमीर मित्र और चुनाव महत्वपूर्ण
पूर्व केबिनेट मंत्रीअमरजीत भगत ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी देश के निवासियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है। जाति, धर्म, लिंग के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जो कि संविधान की भावना के विरुद्ध है। मोदी सरकार खुलेआम संविधान का उल्लंघन कर रही है। वास्तव में यह सरकार और इसके मुखिया मोदीजी के लिए उनके अमीर मित्र और चुनाव महत्वपूर्ण है। पहलगाम की घटना में यह साबित भी हुआ। पहलगाम की घटना के बाद मोदीजी चुनाव के लिए बिहार और अडानी के लिए केरल गए, लेकिन पहलगाम नहीं गए और न ही घटना में मृत नागरिकों के परिजनों से मिले।
पुण्यतिथि पर पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि
27 मई को पंडित जवाहरलाल नेहरू की 61 वीं पुण्यतिथि व बाबा साहब अम्बेडकर की पत्नी स्व. रामबाई अम्बेडकर की भी पुण्यतिथि थी। संविधान बचाओ अभियान की रैली और सभा के पूर्व इन महान विभूतियों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया।

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