किशोरी को भगाकर स्टांप में विवाह रचाने वाला पाखंडी गिरफ्तार

अंबिकापुर। कोतवाली थाना पुलिस ने एक ऐसे पाखंडी शैतान को गिरफ्तार किया है, जो जटिल बीमारियों को झाड़फूंक से ठीक करने के साथ ही लोगों के दु:ख-दर्द को दूर करने का दावा करके लोगों का विश्वास अर्जित करने में लगा था। इस बीच बाबा ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिससे पीड़ित परिवार की तकलीफ और बढ़ गई। इसके पीछे कारण बाबा की नजर दुखियारी महिला की नाबालिग बच्ची पर होना था। बाबा न सिर्फ नाबालिग लड़की को लेकर फरार हो गया बल्कि उससे स्टांप में विवाह भी रचा लिया। मामला कोतवाली पुलिस तक पहुंचा और पुलिस ने लोगों की भीड़ जमा करके प्रार्थना, झाड़फूंक की ड्रामेबाजी करने वाले बाबा को गिरफ्तार करके नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया है। इस घटना से नाबालिग का पूरा परिवार मर्माहत है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसायकल एवं कूटरचित आधार कार्ड की छायाप्रति, जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति एवं विवाह का अनुबंध पत्र जप्त किया है।
जानकारी के मुताबिक राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिधमा हरिजनपारा में मिठू राम रवि पिता रामसुभग रवि 33 वर्ष, धाम बनाकर ग्रामीणों के बीच हर प्रकार के संताप को दूर करने के साथ ही जटिल बीमारियों को झाड़फूंक से दूर करने का दावा करके ख्याति बटोरने में लगा था। एक महिला अपनी बड़ी पुत्री की तबियत खराब रहने के कारण परेशान रहती थी। इस बीच गांव के कुछ लोगों से पता चला कि बड़ी से बड़ी बीमारी को बाबा झाड़फूंक, प्रार्थना से दूर कर देता है। इसके बाद महिला अपनी बेटी की तकलीफ को दूर कराने के लिए मेडिकल साइंस को चुनौती देने वाले बाबा के धाम में पहुंच गई। महिला के साथ उसकी नाबालिग बेटी भी जाती थी, जो घुटरापारा अंबिकापुर में अपने भैया-भाभी के पास रहकर पढ़ाई करती है। 25 अक्टूबर को सुबह वह स्कूल गई थी, स्कूल से छुटटी होने के बाद घर वापस नहीं लौटी। आस-पास तलाश करने पर भी उसका कुछ पता नहीं चला। नाबालिग लड़की को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की शंका पर थाना कोतवाली में धारा 137(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने विवेचना में लिया था। इधर स्वजन को जब पता चला कि नाबालिग बाबा के साथ है, तो उनके होश उड़ गए। कोतवाली थाना प्रभारी के संज्ञान में मामला आया और उन्होंने अपने स्तर पर बाबा की खोजबीन शुरू की और उसे गिरफ्तार करके किशोरी को बरामद कर लिया। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, उप निरीक्षक सम्पत पोटाई, सहायक उप निरीक्षक देवनारायण यादव, प्रधान आरक्षक अजय पाण्डेय, महिला आरक्षक सरस्वती सिंह, आरक्षक दीनदयाल सिंह, धनकेश्वर यादव सक्रिय रहे।

कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से बनवाया विवाह का अनुबंध पत्र
पुलिस टीम ने अपहृत नाबालिग बालिका को 17 नवम्बर को बरामद करके उसका कथन महिला पुलिस अधिकारी से दर्ज कराया है। बालिका अपने कथन में बताई कि 03 वर्ष पूर्व ग्राम सिधमा के मि_ू राम से जान-पहचाण हुआ था। मिट्ठु राम उसे पसंद करने और शादी करने की बात बोलकर झांसे में लिया और अप्रैल 2024 में जबरन दुष्कर्म की घटना कारित किया। घटना दिनांक 25 अक्टूबर को स्कूल से छुटटी होने पर आरोपी मि_ू राम नाबालिग कों पत्नी बनाकर रखने की बात कहकर मोटरसायकल में बैठाकर ले गया और अपने साथ रख कर जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी मि_ू राम 32 वर्ष निवासी सिधमा राजपुर से पूछताछ करने पर वह बताया कि नाबालिग लड़की से वह अनुबंध पत्र से विवाह कर लिया है। जांच करने पर पता चला कि आरोपी पीड़िता के जन्म प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड में कूटरचना करके फर्जी प्रमाण पत्र में नाबालिग के जन्मतिथि को परिवर्तित कर अनुबंध पत्र के जरिए विवाह किया है। आरोपी के विरुद्ध प्रकरण में धारा 87, 64(2)(एम), 55, 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस एवं पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6 जोड़ा गया है। आरोपी को पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है

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