दंपती सहित परिवार के 4 सदस्यों ने लगा दी खून-पसीने की कमाई, चेक बाउंस हुआ
अंबिकापुर। सूरजपुर जिला के प्रतापपुर निवासी एक शिक्षक ने ट्रेडिंग से अच्छी-खासी कमाई का प्रलोभन देकर खेती-किसानी करने वाले दंपती और उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों के नाम पर 8 लाख रुपये लगवा दिया। वह खुद को ट्रेडिंग कंपनी का कोर मेम्बर बताकर इन्हें विश्वास में लिया। दो लाख रुपये लगाने के बाद खाते में रकम आना शुरू हुआ, तो दंपती शिक्षक के झांसे में आ गए और पति-पत्नी के बाद भतीजा और बहू का भी 2-2 लाख रुपये ट्रेडिंग कंपनी के हवाले करने के बाद इन्हें 4 लाख 23 हजार 300 रुपये की चपत लग गई। अचानक खाते में राशि का आदान बंद होने पर संदेह हुआ, तो वे गारंटी बतौर शिक्षक के द्वारा दिए गए 2 लाख रुपये के चेक को लेकर बैंक पहुंचे, लेकिन चेक खाते में पर्याप्त राशि नहीं रहने के कारण वापस कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक संजय कुमार पैकरा शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। 04 अप्रैल 2024 को वह खेती-किसानी का काम करने वाले चंदौरा थाना क्षेत्र के पुलिस चौकी रेवटी अंतर्गत ग्राम सोनडिहा में रहने वाले रामनरेश पटेल पिता तिलक धारी पटेल के घर पहुंचा और फारेक्स, सीबुल्स ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए कहा। शिक्षक ने बताया कि इसमें जो भी राशि लगाया जाएगा उसका प्रतिदिन के हिसाब से सप्ताह में रकम मिलेगा। दस माह में आपकी राशि दोगुना हो जाएगी। इस पर उसे विश्वास नहीं हुआ तो शिक्षक ने कहा कि आप किसी कंपनी को मत जानिए, मैं खुद इस कंपनी का कोर मेम्बर हूं, आप निश्चिंत होकर पैसा जमा कीजिए। रामनरेश बोला कि वह किसी कंपनी को नहीं जानता है, और राशि शिक्षक के खाते में जमा करने की बात कहते हुए मधु राम राजवाड़े के समक्ष 04 अप्रैल 2024 को शिक्षक संजय कुमार पैकरा के खाता में दो लाख रुपये जमा कर दिया, सप्ताह में उसे रकम की प्राप्ति भी होने लगी। संजय पैकरा बीच में फिर रामनरेश पटेल का मन टटोलने पहुंच गया और कहा कि अपनी पत्नी के नाम से भी एमाउंट लगा दीजिए। इनकी बातों में आकर वह पत्नी समुद्री पटेल के नाम पर भी 14 मई 2024 को दो लाख रुपये उनके द्वारा बताए गए कंपनी के खाता नंबर में जमा कर दिया, उनकी पत्नी के भी खाते में सप्ताह के अंत में पैसा आने लगा। इसके बाद शिक्षक किसानी करने वाले दंपती के पास अपने कार से पुन: यह पूछने के लिए पहुंचा कि खाते में पैसा आ रहा है कि नहीं। इसके साथ ही उन्होंने और लोगों से रुपये जमा करवाने के लिए कहा, तो रामनरेश ने कहा कि वह अब बिना गारंटी के पैसा जमा नहीं करेगा। इसके बाद शिक्षक ने उन्हें विश्वास में लेने के लिए गारंटी स्वरूप बिना दिनांक का दो लाख रुपये का चेक एक बैंक का दे दिया। शिक्षक के विश्वास में आकर वह अपने भतीजा रमाकांत पटेल के नाम से 06 जून 2024 को उनके द्वारा बताए गए कंपनी के खाता में दो लाख रुपये और जमा करा दिया। इसके बाद सीबुल्स कंपनी के खाते में 21 जून 2024 को बहु अर्चना पटेल के नाम पर दो लाख रुपये जमा करा दिया। कुछ राशि तो सभी को प्राप्त हुआ, माह सितंबर 2024 से पैसा आना बंद हो गया। मूलधन 8 लाख रुपये लगाने के बाद इन्हें 4 लाख 23 हजार 300 रुपये आज तक नहीं मिल पाया है।
बाद में कहा-कंपनी करेगी मूलधन वापस
ठगी का शिकार होने का आभास होने पर जब वह संजय कुमार पैकरा से मोबाइल नम्बर पर संपर्क किया तो गोल-मोल जवाब सुनने को मिला। कई बार संपर्क करने के बाद एक ही जवाब मिल रहा था कि कंपनी अब सबका मूलधन वापस करेगी। काफी इंतजार के बाद जब वह 06.12.2024 को दिए गए चेक को बैंक में जमा किया तो चेक में उल्लेखित खाता क्रमांक में राशि नहीं रहने के कारण वापस हो गया। कृषक के द्वारा की गई लिखित शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने शिक्षक के विरूद्ध धारा 420 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

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