संभागीय बैठक में लंबित अपराधों और दोषमुक्ति के प्रकरणों की समीक्षा
अंबिकापुर। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर कानून व्यवस्था, अपराध समीक्षा, लंबित शिकायत, मर्ग व एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की समीक्षा की। गौ तस्करों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा प्रकरण में संलिप्त लोगों के संपत्ति के खिलाफ की गई कार्रवाई से अवगत हुए। समीक्षा बैठक में दोषमुक्ति के कुल 658 प्रकरणों पर गहन चर्चा की गई।
पुलिस को-आर्डिनेशन सेंटर, सरगुजा भवन में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने लंबित अपराध के प्रकरणों पर जिलेवार चर्चा की, जिसमें 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित अपराध जिला सरगुजा में 129, सूरजपुर में 33, बलरामपुर में 24, जशपुर में 102, कोरिया में 25, एमसीबी में 43, रेंज स्तर पर कुल 356 लंबित प्रकरण पाए गए। उन्होंने संबंधित पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि अपने इकाई में राजपत्रित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुए तथा स्वयं के पर्यवेक्षण में लंबित प्रकरणों का यथाशीघ्र निकाल करने हेतु निर्देशित करें। नवीन कानून के तहत पंजीबद्ध प्रकरणों का पर्यवेक्षण कर कोर्ट चिकित्सा जैसे अन्य प्रमुख विभागों से समन्वय स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए पेंडिंग प्रकरणों का निकाल सुनिश्चित करें। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिलों के राजपत्रित अधिकारियों के द्वारा लीड करते हुए स्वयं सर्च कार्रवाई कराने तथा एनडीपीएस की धाराओं का प्रयोग करते हुए संपत्ति कुर्की, जप्ती की कार्रवाई करने, फाइनेंशियल एवं एंड तो एंड इन्वेस्टिगेशन कर अंतरराज्यीय गैंग तथा कोरियर कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई, बाहरी राज्यों से आ रही प्रतिबंधित दवाओं के सप्लाई चैन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने व अपराधियों के विरुद्ध पीट एनडीपीएस की कार्रवाई करने की सख्त हिदायत दी। इसी प्रकार गौ तस्करी करने वालों के खिलाफ इन एंड टू एंड तक कार्रवाई तथा इसमें प्रयुक्त, जप्त वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई करने हेतु संबंधित इकाई प्रमुखों को निर्देशित किया। पुलिस महानिरीक्षक ने रेंज स्तरीय दोष मुक्ति प्रकरणों पर चर्चा के दौरान विशेष रूप से उन प्रकरणों पर चर्चा कर गंभीरता से कार्रवाई करने कहा, जिसमें न्यायालय में अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके अलावा लंबित दोषमुक्ति प्रकरणों की विवेचना में विवेचकों के त्रुटि को सुधार हेतु पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया। यदि नवीन कानून के तहत किसी प्रकरण के विवेचना में कोई परेशानी हो रही है तो अपने जिले के अभियोजन अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उन प्रकरणों का निकाल सुनिश्चित करने कहा गया। चर्चा के दौरान यह भी पाया गया कि कई प्रकरणों में ट्रायल के दौरान शिकायत झूठी पाई जाती है, निर्दोष व्यक्तियों को झूठा फंसाने की कोशिश की जाती है। ऐसे आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन अधिकारियों द्वारा प्रतिवेदन तैयार करें, ताकि ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति न हो। आगामी त्यौहारों को मद्देनजर आईजी ने आपराधिक संदिग्ध व्यक्तियों, आदतन अपराधी, गुंडा बदमाशों का रिकॉर्ड तैयार कर पैनी नजर बनाए रखने कहा। जिलों में आसूचना संकलन को और मजबूत करने, संदेहियों पर सख्त कार्रवाई करने, देर रात तक चलने वाले होटल, ढाबा, दुकानों को समय पर बंद कराने तथा अड्डाबाजी वाले स्थान पर गस्त पेट्रोलिंग कराते हुए निगरानी बनाए रखने की हिदायत दी गई। रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उमनि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर प्रशांत ठाकुर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक कोरिया रवि कुर्रे, पुलिस अधीक्षक एमसीबी चंद्रमोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर सहित रेंज के लोक अभियोजन अधिकारी एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।

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