अंबिकापुर। जिले में 2 नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप ममाले में कांग्रेस की जांच टीम एवं प्रदेश सह प्रभारी जरींता लैतफलांग 2 मई को पीड़ितों के गांव पहुंचेगी। 24 अप्रैल को शादी समारोह से लौट रही दो किशोरियों के साथ 7 युवकों ने गैंगरेप किया। उनकी दो अन्य सहेलियों ने भागकर जान बचाई। इनमें से एक के साथ मारपीट भी हुई थी। मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

मामले में पुलिस ने पहली एफआईआर दो दिनों बाद 26 अप्रैल को दर्ज की, जब मेडिकल रिपोर्ट में एक नाबालिग किशोरी के साथ रेप होने की आशंका जताई गई। दूसरे के साथ रेप होने की संभावना से इनकार किए जाने पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था। 29 अप्रैल को दुबारा अंबिकापुर में मेडिकल टेस्ट में दोनों नाबालिगों से रेप की पुष्टि हुई। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनमें 4 नाबालिग है। पुलिस ने दो आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया है।इसके अलावे पुलिस ने एक और एफआई ​आर दर्ज की है जो रेप पीड़िताओं की एक सहेली से मारपीट, अपहरण की कोशिश का है, जो चलती बाइक से कूदकर भाग निकली थी।

कल नाबालिगों से मिलेगी कांग्रेस नेत्री व जांच टीम
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह के नेतृत्व में 5 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। इस दल में महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष सीमा सोनी, ग्रामीण अध्यक्ष अनिमा केरकेट्टा, महामंत्री हेमंत तिवारी और डॉ. लालचंद यादव शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सह-प्रभारी जरिता लैतफलांग स्वयं 2 मई को अंबिकापुर पहुंचकर पीड़ित बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगी। जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने आरोप लगाया है कि सीतापुर के डॉक्टरों ने गलत मेडिकल रिपोर्ट जारी कर दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की। मामले में पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की, जो बड़ी लापरवाही है।

एक नाबालिग से मारपीट की अलग एफआईआर दर्ज
आरोपियों ने 13 साल की लड़की को बाइक में बैठाकर दूर ले जाने की कोशिश की। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट एवं छेड़छाड़ भी की। वह अपनी जिद से बाइक में पीछे बैठी और रास्ते में चलती बाइक से कूदकर भाग निकली। आरोपियों ने उसका पीछा किया, लेकिन वे उसे नहीं पकड़ सके। मामले में पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर एक अलग से एफआईआर दर्ज की है। हालांकि पुलिस के पास पहली सूचना नाबालिग से मारपीट की ही आई थी।

भाजपा विधि प्रकोष्ठ के वकील नहीं लड़ेंगे केस
भाजपा विधि प्रकोष्ठ की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया गया है कि विधि प्रकोष्ठ के वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे। प्र्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं अधिवक्ता जनमेजय पांडेय ने बताया कि बैठक में सभी ने सर्व सहमति से पैरवी न करने का निर्णय लिया है। बैठक में यह भी कहा गया कि इस प्रकार के अमानवीय कृत्य समाज में असहनीय हैं और ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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