अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रघुनाथनगर में घुसकर देर रात अस्पताल के कर्मचारी को डराने-धमकाने व हुड़दंग मचाने वाले 3 आरोपियों को रघुनाथनगर पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। आरोपियों के विरूद्ध धारा 305/62, 331 (4) बीएनएस एवं छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा तथा संपति की छति या हानि की रोकथाम) अधिनियम 2010 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में 17 जून को रात 10.21 बजे ग्राम रमेशपुर के तीन युवक कार से पहुंचे और बिना किसी से अनुमति लिए दवाखाना कक्ष में घुसकर दवा का डब्बा निकालकर डस्टबीन में फेंक दिए। तीनों युवक अस्पताल में घूमकर कुछ तलाश रहे थे। सीसीटीवी में देखने के बाद पता चला कि एक व्यक्ति डिलेवरी कक्ष में भी घुसा था, जबकि उक्त कक्ष में प्रसूता भर्ती थी। मरीज के निजता की अनदेखी करते हुए तीनों युवक अस्पताल के ड्रेसिंग कक्ष में घुस गए और दवा के पेटियों को सीजर से काटकर खंगालने लगे। इसके बाद मेडिकल स्टोर के कक्ष का दरवाजा एवं ताला तोड़ने का प्रयास इन्होंने किया। इस दौरान हुई आवाज को सुनकर ड्युटी में उपस्थित वार्ड ब्वाय उक्त व्यक्तियों के पास पहुंचकर पूछताछ किया तो इनके द्वारा ग्राम रमेशपुर से आने की बात कहते हुए धमकी भरे लहजे में निरोध की मांग की गई। तीनों युवक नशे की हालत में थे और किसी प्रकार की घटना कारित कर सकते थे, यह देखते हुए ड्युटी चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स को वार्ड ब्वाय ने इसकी जानकारी दी थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृपाशंकर भगत ने खण्ड चिकित्सा अधिकारी वाड्रफनगर व थाना प्रभारी रघुनाथनगर को दूरभाष से इसकी सूचना देने के साथ लिखित में जानकारी दी थी। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी को खंगालकर ग्राम रमेशपुर निवासी तीनों युवकों का फुटेज प्राप्त किया, और राहुल जायसवाल पिता राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल 26 वर्ष, सुशील जायसवाल पिता सुनील जायसवाल 19 वर्ष व विपुल जायसवाल पिता कन्हैया जायसवाल 21 वर्ष, तीनों निवासी ग्राम रमेशपुर को गिरफ्तार कर ली है। इस घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि यहां के स्टाफ विशेषकर रात में भयमुक्त वातावरण में काम कर सकें। कार्रवाई में निरीक्षक दुवेन्द सिंह टेकाम, सहायक उप निरीक्षक ललित एक्का व अजय बघेल, प्रधान आरक्षक राजेश तिर्की, आरक्षक मदनेश कुमार, संतयुश केरकेट्टा सक्रिय रहे।

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