सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौट रहा था सरगुजा के ग्राम पलका का पूरन राम पोर्ते

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पलका निवासी 48 वर्षीय एक ग्रामीण शासन द्वारा आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौटते समय महाराष्ट्र के जलगांव रेलवे स्टेशन में लापता हो गया, जिसका 22 दिन बाद भी पता नहीं चल पाया है। स्वजन ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ मदद की गुहार लगाई है। लापता ग्रामीण की पत्नी का कहना है कि जिसे सकुशल गांव से लेकर गये थे, उसका झोला और सामान उन्हें वापस मिला है। पति की तलाश में लिये पत्नी ने अपनी जमीन को गिरवी में रखकर करीब एक लाख रुपये फूंक चुकी है। शुक्रवार को लापता ग्रामीण की पत्नी, पुत्रियां और दामाद सरगुजा कलेक्टर के पास आवेदन लेकर पहुंचे, यहां आवेदन लेने के बाद इन्हें जनदर्शन में आने कहा गया।

जानकारी के मुताबिक, शासन की ओर से संचालित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में शामिल होने के लिये उदयपुर विकासखंड के ग्राम पलका से अमरनाथ सिरदार अपनी पत्नी तपेशिया के साथ गये थे। इनके साथ पूरन राम पोर्ते भी तीर्थयात्रा में जाने 21 जून को शाम करीब 6.30 बजे गांव से निकला, इसके बाद वे उदयपुर से बस में सवार होकर 22 जून से 26 जून तक की सुनिश्चित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिये रवाना हुये थे। स्वजन के अनुसार बस में सरगुजा जिला प्रशासन की ओर से पंचायत विभाग के विपिन चौधरी नोडल अधिकारी के रूप में गये थे। इसके बाद 26 जून को शाम 7.16 बजे ट्रेन नंबर 00844 रायपुर स्पेशल से जलगांव रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र में उतरने के बाद वह वापस नहीं लौटा। साथ में गये नोडल अधिकारी सहित अन्य ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इस संबंध में रेलवे पुलिस भुसावल और दुरक्षेत्र जलगांव में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। हिंदी भाषी ग्रामीण के पास मोबाइल फोन और परिवार के किसी सदस्य का मोबाइल नम्बर भी आज की स्थिति में नहीं है, जिसमें वह अपने बारे में किसी प्रकार की सूचना दे सके। स्वजन का कहना है कि यात्रा में रवानगी के समय एक कागज में घर के सदस्य का मोबाइल नम्बर पूरन राम लिखकर ले गया था, यह कागज बैग व अन्य सामानों के साथ वापस घर पहुंचा दिया गया है, इससे स्वजन की चिंता और बढ़ गई है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से मदद की गुहार

परिवार के लोगों ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल को अवगत कराया है और लापता पूरन राम पोर्ते के वापस घर नहीं लौटने पर चिंता व्यक्त की है। पूरन की पत्नी गंगामती पोर्ते का कहना है कि, पति के अचानक गायब हो जाने से पूरा परिवार परेशान और दु:खी है। इधर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के बारे में किसी प्रकार की जानकारी मिलने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या मोबाइल नंबर 9340987015 पर संपर्क करने कहा है। गंगामती का कहना है कि वे अपने स्तर से लापता पति की खोजबीन के लिये अपने स्वत्व की जमीन 65 हजार रुपये में रेहन रखकर अब तक एक लाख रुपये से अधिक व्यय कर चुकी है, लेकिन कहीं भी पता नहीं चला।

पुत्री से 25-26 जून को मोबाइल में किया बात

लापता ग्रामीण की पत्नी गंगामति का कहना है कि उसके पति पूरन राम की 25 जून को रात 12.30 बजे बेटी केशरी सिंह से मोबाइल फोन पर बात हुई थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि सोमनाथ दर्शन के बाद वापस आ रहे हैं। 26 जून को भी सुबह 6.30 बजे बेटी की अपने पिता से बात हुई थी। 26 जून को ही दोपहर करीब 2.30 बजे नोडल अधिकारी ने पुत्री केशरी के मोबाइल में फोन करके बताया कि, उसके पिताजी कहीं गुम हो गये हैं, और अभी तक नहीं मिले हैं। बताया गया कि यात्रा के समय ट्रेन सुबह 7 बजे जलगांव रेलवे स्टेशन पर रूकी थी, इसके बाद से उनका पता नहीं चल रहा है। ऐसे में गैर जिम्मेदाराना रवैया भी सामने आ रहा है।

संबंधियों ने कई रेलवे स्टेशनों को खंगाला

मामले में रेलवे पुलिस भुसावल ने गुम इंसान का मामला दर्ज किया है। वहीं रेलवे पुलिस दुरक्षेत्र जलगांव के तपासी अमलदार भी जांच में जुटी है। इन सबके बीच 17 जुलाई तक पूरन राम पोर्ते का कोई पता नहीं चल पाया है। ऐसे में पूरा परिवार काफी परेशान हैं। इनके द्वारा जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई गई है। पूरन राम की तीन बेटियां हैं, तीनों विवाह के बाद अपने-अपने ससुराल में रहती हैं। पूरन अपनी पत्नी गंगामति के साथ घर में रहते थे। इनके दामाद चंदन कुमार ने बताया कि उन्होंने अभी तक उन्होंने अन्य लोगों के साथ महाराष्ट्र के भुसावल, मनमाड़, जलगांव, अकोला, नागपुर, नासिक सहित अन्य छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों तक जाकर अपने ससुर की खोजबीन की। नासिक में रहने वाले उनके संबंधी भी तलाश में निकले, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया है।

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