पोस्टमार्टम के समय नदारद रहे पति सहित अन्य, 50 मीटर के फासले पर मायका-ससुराल

मासूम बच्ची के सिर से मां का साया हटा, घटना से स्वजन शोक में, कहा-न्याय चाहिये

अंबिकापुर। सरगुजा जिला के कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुनिया में 23 वर्षीय विवाहिता मिनी यादव उर्फ पूजा संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर झूल गई। ससुराल पक्ष जहां इसे फांसी लगाकर खुदकुशी करना बता रहा है, वहीं मायके पक्ष के लोगों ने दहेज में कार की मांग को लेकर आये दिन मारपीट करने और हत्या के बाद फांसी का रूप देने का आरोप लगाया है। नवविवाहिता की एक दुधमुंही बच्ची है, जिसके सिर से मां का साया हट गया है। घटना के बाद नर्मदापुर स्वास्थ्य केंद्र में दोनों पक्षों में तनाव, मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई थी, और पुलिस को मध्यस्थता करनी पड़ी। फारेंसिक जांच कार्रवाई के बाद लग रहे आरोप-प्रत्यारोपों को देखते हुये पुलिस ने मृतिका के शव को मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर भेज दिया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के दौरान ससुराल पक्ष से पति सहित अन्य सदस्य नदारद रहे।

जानकारी के मुताबिक, 11 जुलाई की रात करीब 8 बजे मिनी पति अनुज यादव अपने ससुराल घर के परछी में रस्सी के सहारे फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को ससुराल पक्ष के लोगों ने बताया है कि, घटना के समय घर में उसके सास-ससुर सहित अन्य परिवार के सदस्य थे, पति नहीं था। घटना के पहले मिनी रसोई में पकौड़ा बना रही थी, फिर उसका पता नहीं चला। जब वे खोजबीन में जुटे तो वह घर के परछी में फांसी पर लटके दिखाई दी। ससुराल पक्ष के लोग फांसी का फंदा काटकर उसे गांव के लोग के सहयोग से आनन-फानन में नर्मदापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मायके पक्ष के द्वारा हत्या का आरोप लगाने और चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम की मांग पर मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिये मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर लाया गया। रविवार को पोस्टमार्टम पूर्व की प्रक्रिया में देर होने के कारण सोमवार को डॉक्टरों की टीम और मायके पक्ष की मौजूदगी में मृतिका के शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके पहले न्यायिक अधिकारी की उपस्थिति में मृतिका के शव की पंचनामा प्रक्रिया पूरी की गई थी। पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव मृतिका के स्वजन के सुपुर्द कर दिया है, और अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही है।

मायका 50 मीटर पर, नहीं दी खबर

मृतिका के मायके पक्ष का कहना है कि घटना की सूचना उन्हें नहीं दी गई, जबकि उनकी बेटी के ससुराल और मायके की दूरी महज 50 मीटर है। बेटी के फांसी लगा लेने की खबर मिलने पर मायके पक्ष से पिता संजय यादव व मृतिका के भाई सहित अन्य स्वजन जब अस्पताल पहुंचे, तो मिनी की मौत का पता चला। घटनास्थल की स्थिति को देखने के बाद इन्होंने मृत्यु को लेकर संदेह जताया है। इनका कहना है कि दुधमुंही बच्ची को हमेशा सीने से लगाकर रखने वाली उनकी बेटी खुदकुशी जैसा कदम नहीं उठा सकती है।

कार के लिये बना रहे थे दबाव

मृतिका के पिता संजय यादव, भाई कुश यादव सहित अन्य संबंधियों का आरोप है कि मिनी की हत्या करने के बाद आत्महत्या का रूप देने की कोशिश पति अनुज यादव ने अपने माता-पिता सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर की है। मृतिका के पिता ने कहा शादी के कुछ महीनों बाद से ही कार के लिये उनकी बेटी पर दबाव बनाया जा रहा था, जबकि उन्होंने शादी के समय अपनी हैसियत के अनुरूप 50 डिसमिल जमीन के अलावा सबकुछ देकर बेटी को विदा किया था। ससुराल में मिल रही प्रताड़ना की जानकारी उन्हें बेटी से मिली थी, तो वे समझाइश देकर उसे शांत कर देते थे। हालात ऐसे बनेंगे, इसकी कल्पना उन्होंने नहीं की थी।

बहन से मिलने नहीं भेजा मायके

मृतिका के पिता ने बताया कि घर और ससुराल के बीच महज 50 मीटर की दूरी होने के बाद भी उनकी बेटी को मायके वालों से मिलने नहीं दिया जाता था। संजय यादव ने बताया कि उनकी एक पुत्री का विवाह बलरामपुर जिला के राजपुर में हुआ है। जब वह मायके ग्राम कुनिया आई थी, तो उन्होंने मिनी से मुलाकात हो जायेगा, सोचकर उसे बुलाने की काफी कोशिश की लेकिन उसे नहीं आने दिया गया। एक ही गांव में रहकर वे करीब साल भर से वे अपनी बेटी और नतनिन से मिलने के लिये तरस रहे थे। आरोप है कि जहां मृतिका को फांसी पर लटकना बताया जा रहा है, वहां खून के छींटे और टूटी चूड़ी मिली है।

बाल पकड़कर कर रहे थे मारपीट

मृतिका के भाई कुश यादव ने बताया कि घटना के कुछ दिन पहले बहन के ससुराल में शोर-शराबा सुनकर जब वह गया तो मासूम बच्ची की परवाह किये बगैर उसकी बहन मिनी के साथ बाल पकड़कर सास धनेश्वरी यादव, ससुर गोवर्धन यादव, ननद व पति अनुज यादव मारपीट कर रहे थे, इसकी जानकारी वह घर आकर दिया था। 11 जुलाई की शाम को भी वह अपनी बहन से मोबाइल फोन पर बात किया था, लेकिन पूरे परिवार की मौजूदगी रहने के कारण वह कुछ नहीं बता पाई थी। बच्ची के जन्म के पूर्व मृतिका के सास-ससुर ने गर्भपात के लिये भी दबाव बनाने का आरोप है, हालांकि पति इसके लिये राजी नहीं था।

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