54.18 लाख रुपये नगद तथा आठ लाख रुपये केवायसी के माध्यम से की गई हेराफेरी

अंबिकापुर। आपराधिक न्यायभंग कर राशि हेराफेरी कर गबन करने के मामले में पूर्व शाखा प्रमुख को मणिपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला आरोहरण फायनेंसियल सर्विसेस लिमिटेड ब्रांच अंबिकापुर के पूर्व शाखा प्रमुख और सहायक प्रमुख द्वारा की गई 62 लाख रुपये गबन का है। पुलिस ने गबन के एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि बीते 22 मार्च 2024 को थाना मणीपुर में हीरादास मानिकपुरी पिता बृक्षदास मानिकपुरी 33 वर्ष, क्षेत्र प्रबंधक आरोहरण फायनेंसियल सर्विसेस लिमिटेड ब्रांच अंबिकापुर, स्थायी पता पिहरिद मालखरौदा, जांजगीर चांपा के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि पूर्व शाखा प्रमुख अक्षय कुमार टण्डन एवं पूर्व सहायक शाखा प्रमुख लक्ष्मण यादव ने कंपनी के अंबिकापुर ब्रांच में सेवक रहते हुए, आपराधिक न्यासभंग करते हुए कुल 62 लाख 18 हजार 279 रुपये का हेराफेरी कर गबन किया है। बताया गया था कि द्वय आरोपियों ने 54 लाख 18 हजार 279 रुपये नगद तथा 08 लाख रुपये केवायसी के माध्यम से हेराफेरी की है। लक्ष्मण यादव 15 जनवरी 2024 से फरार है, अक्षय कुमार टण्डन को निलंबित कर दिया गया है। आरोप था कि दोनों कंपनी के राशि का निजी उद्देश्य के लिए अपने पद का अपराधिक न्यासभंग करते हुए गबन किए हैं। आरोपियों द्वारा 01 अगस्त 2023 से 26 जनवरी 2024 के मध्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया गया। इनके कृत्य से कंपनी से जुड़े ग्राहकों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। थाना मणीपुर पुलिस ने मामले में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। प्रकरण पंजीबद्ध करने के उपरांत आरोपियों के तलाश में पुलिस जुटी और मामले के आरोपी पूर्व शाखा प्रमुख अक्षय कुमार टण्डन 27 वर्ष, निवासी भुंईगांव, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ को वाड्रफनगर से गिरफ्तार किया। मामले में एक अन्य आरोपी पूर्व सहायक शाखा प्रमुख लक्ष्मण यादव 29 वर्ष, निवासी कौंधियापारा, थाना महासमुंद फरार है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा प्रयास किया जा रहा है। आरोपी के पता-तलाश व गिरफ्तारी में प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, मनीष सिंह सक्रिय रहे।

स्व सहायता समूह का लेनदेन करते रहे कागजों में
आरोहरण फायनेंसियल सर्विसेस लिमिटेड ब्रांच अंबिकापुर में हुई गड़बड़ी का पर्दाफास करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि कंपनी के द्वारा स्व सहायता समूह से ऋण का लेनदेन किया जाता था। इसमें शाखा प्रमुख व सहायक के द्वारा समूह की राशि को दस्तावेज में शो करके गबन किया जाता था। कंपनी के ऑडिट में 62 लाख 18 हजार रुपये से अधिक की गड़बड़ी सामने आने पर हीरादास मानिकपुरी क्षेत्र प्रबंधक के द्वारा मणिपुर पुलिस के संज्ञान में मामले को लाया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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