दिवंगत फौजी की 90 वर्षीय बेवा घर बचाने की गुहार लगाने पहुंची कलेक्टर के पास
अंबिकापुर। शहर से लगे ग्राम पंचायत रनपुरखुर्द में हाल में बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई वन विभाग व प्रशासन की टीम ने की थी और 39 कब्जाधारियों के मकानों में बुलडोजर चलाया था। इसके बाद अन्य कब्जाधारकों की पहचान में वन अमला लगा है। इस दौरान काफी संख्या में कब्जाधारक सामने आए हैं, जिन्हें कब्जा हटाने की चेतावनी वन अमला दे रहा है। वन भूमि को सुरक्षित करने की जा रही इस पहल के बीच कई ऐसे हैं, जो करीबन 70-80 साल से यहां बसे हैं। सोमवार को कलेक्टर के जनदर्शन में ऐसी ही एक करीब 90 वर्षीय महिला पहुंची, जो देशवासियों की रक्षा करते दिवंगत हुए फौजी की पत्नी है। आंखों से देखने में अक्षम महिला ने कलेक्टर से घर, मकान को बचाने की गुहार लगाई है।
रनपुरखुर्द निवासी कमला देवी पति स्व. ननकू उपाध्याय ने कलेक्टर को दिए गए आवेदन में बताया है कि वह अपने फौजी पति के निधन के बाद अपने दो पुत्र संतोष व अशोक उपाध्याय के साथ रनपुर खुर्द, तकिया पानी टंकी रोड में वन भूमि पर लगभग 70-80 वर्षों से निवासरत है। उन्हें पंचायत एवं गांव वालों के द्वारा यहां भूमि देकर बसाया गया है, साथ ही उक्त भूमि में जीवनयापन करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र भी ग्राम पंचायत की ओर से दिया है। वृद्ध महिला बचपन से ही दोनों आंख से देखने में अक्षम है। छोटा पुत्र मजदूरी करके घर का खर्च चलाता है और बड़ा पुत्र उनकी देखभाल करता है। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय रहने के कारण वे झोपड़ीनुमा मकान में जीवन-यापन कर रहे हंै। 19 जून को वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें कहा कि घर को खाली करो, नहीं तो तोड़ दिया जाएगा। वृद्ध महिला ने कहा है कि उनके पास इस झोपड़ी के अलावा अन्य कोई जगह, जमीन और घर नहीं है। उनके द्वारा कई बार वन भूमि का पट्टा प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया लेकिन आज पर्यन्त पट्टा प्राप्त नहीं हो पाया है। महिला ने कलेक्टर से उक्त भूमि से बेदखल नहीं करने का आग्रह किया है।
पंचायत ने दिया है वनभूमि में कब्जा का अनापत्ति प्रमाणपत्र
जमीन में काबिज अशोक उपाध्याय और संतोष उपाध्याय ने कार्यालय ग्राम पंचायत रनपुरखुर्द से जनवरी 2016 में अनापत्ति, वनभूमि कब्जा प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। इसमें उल्लेख है कि अशोक उपाध्याय, संतोष उपाध्याय पिता स्व. ननकू उपाध्याय, निवासी रनपुरखुर्द बेनिपुरपारा, तकिया फिल्टर प्लांट के पास शासकीय वन भूमि के 0.30 हेक्टेयर में काबिज हैं। इनके पिता स्व. ननकू उपाध्याय भूतपूर्व सैनिक रहे, जिसका सैनिक अधिकारियों के प्रपत्र में उल्लेख है। भूतपूर्व सैनिक स्व. ननकू उपाध्याय विगत 40 वर्ष से शासकीय वन भूमि 0.30 हेक्टेयर में कब्जा करके कच्चा आवासीय भवन निर्माण किए हैं। वर्णित शासकीय वन भूमि पैत्रिक है, इन्हें आवासीय भवन निर्माण हेतु अनापत्ति, वनभूमि कब्जा प्रमाण पत्र प्रदाय किया जाता है। इस प्रमाण पत्र में तत्समय के सरपंच, वार्ड पंच, उपसरपंच, सचिव सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी हैं।

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