तत्कालीन कलेक्टर के मौखिक आदेश पर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, बलरामपुर और सूरजपुर जिले में लागू की गई थी यह व्यवस्था

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। राजस्व भूमि की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन खसरा, बी-वन मुख्य होगा, उस पर अलग से तहसीलदार से बिक्री हेतु लिखवाने की बाध्यता नहीं है। 20 साल पुराने पट्टे की जमीन की बिक्री के लिए कलेक्टर के अनुमति की बाध्यता भी खत्म की जा रही है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा।


निजी प्रवास पर अंबिकापुर आए राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल से सरगुजा के कांग्रेसजनों ने बताया कि अविभाजित सरगुजा में राजस्व भूमि की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन खसरा, बी-वन निकलवाने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं होती। दस्तावेजों में तहसीलदार से सिर्फ बिक्री हेतु लिखवाने को बाध्य किया जाता है। इसके लिए लंबी प्रक्रिया कराई जाती है। इस पर राजस्व मंत्री ने उप पंजीयक, अपर कलेक्टर और तहसीलदार को तलब कर स्थिति की जानकारी ली। उप पंजीयक ने बताया तत्कालीन कलेक्टर के मौखिक आदेश पर ऐसा किया जा रहा है। यह व्यवस्था सिर्फ प्रदेश के सरगुजा, बलरामपुर और सूरजपुर जिले में लागू है। राजस्व मंत्री ने कड़े शब्दों में नियमानुसार रजिस्ट्री करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा यदि एक भी शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर प्रक्रिया को सुविधाजनक बना रही है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर द्वारा जारी किए गए 20 साल से पुराने पट्टे की खरीद बिक्री के लिए कलेक्टर की अनुमति की आवश्यकता अब नहीं रहेगी। केबिनेट में इस आशय का प्रस्ताव पारित होने के बाद राजभवन से भी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही तत्संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, जिला महामंत्री सैय्यद अख्तर हुसैन, प्रवक्ता आशीष वर्मा, रजनीश सिंह, मिथुन, अविनाश, पंकज शुक्ला, विकास शर्मा उपस्थित थे।


निगम ने मांगा विकास कार्यों के लिए जमीन
राजस्व मंत्री के प्रवास के दौरान नगर निगम के महापौर डॉ.अजय तिर्की, श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, निगम के सभापति अजय अग्रवाल ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से निगम क्षेत्र में विभिन्न निर्माण और विकास कार्य के लिए 52 अलग-अलग स्थानों पर पूर्व से चिन्हित भूमि को आबंटन करने की मांग की। राजस्व मंत्री ने सभी भूखंडों को तत्काल नगर निगम को स्थानांतरित करने का निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिया है। उल्लेखनीय है भूमि का आवंटन नहीं हो पाने के कारण नगर निगम क्षेत्र के कई विकास और निर्माण कार्य लंबित पड़े हैं। नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से शॉपिंग कांप्लेक्स, सामुदायिक और व्यवसायिक भवन के निर्माण का रास्ता अब आसान हो सकेगा। राजस्व मंत्री ने नमनाकला में कैथोलिक इसाई समुदाय के लिए कब्रिस्तान हेतु भूमि के आबंटन करने की अनुशंसा की है।

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