बी.कॉम की परीक्षा के लिए विवि समय पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने में रहा नाकाम

अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की संवेदनहीनता और अक्षम कार्यप्रणाली के कारण बी.कॉम तृतीय सेमेस्टर, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट की परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को घंटों खाली मेज-कुर्सी ताकनी पड़ी। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस चूक ने न केवल छात्रों के भविष्य को संकट में डाला, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

आजाद सेवा संघ के रचित मिश्रा ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा संभाग का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र है, इसके अंतर्गत लगभग 90 महाविद्यालय संचालित होते हैं। जो अव्यवस्था आज विश्रामपुर महाविद्यालय में देखने को मिली है, प्रबल आशंका है कि संभाग के अन्य महाविद्यालयों में भी यही स्थिति निर्मित हुई होगी। यह कोई छोटी मानवीय भूल नहीं, बल्कि परीक्षा विभाग की प्रणालीगत विफलता है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अन्य केंद्रों की स्थिति स्पष्ट करने का साहस दिखाना चाहिए। बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र में गुरूवार को सुबह 9 बजे से निर्धारित परीक्षा के लिए छात्र समय पर केंद्र पहुंच गए थे, लेकिन विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने में पूरी तरह नाकाम रहा। सुबह 10.30 बजे तक छात्र बिना प्रश्न-पत्र के मानसिक तनाव में बैठे रहे, जो विवि के परीक्षा विभाग की शर्मनाक और बड़ी चूक है। जब परीक्षा में डेढ़ घंटे विलंब हो गया था, तो परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए था। इतने लंबे इंतजार के बाद छात्रों की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं रही होगी कि वे एकाग्र होकर उत्तर लिख सकें। संघ के रचित मिश्रा का आरोप है कि आधे-अधूरे मन से परीक्षा संपन्न कराकर विश्वविद्यालय अपनी विफलता को ढंकने का प्रयास किया है। ग्रामीण अंचलों से आने वाले छात्रों के लिए यह देरी मुसीबत बन गई। अधिकारी बंद कमरों में बैठकर छात्रों का दर्द नहीं समझ सकते। डेढ़ घंटे की देरी के कारण छात्रों की घर वापसी वाली बसें छूट गईं, जिससे उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
आजाद सेवा संघ ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और परीक्षा विभाग के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सवाल किया है कि छात्रों को हुई मानसिक और आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा? विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्यशैली में सुधार नहीं आने और जवाबदेही तय नहीं किए जाने पर छात्रहित में उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।

 

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