बिल भुगतान नहीं होने पर तालाबंदी, आत्मदाह करने की दी है चेतावनी

अंबिकापुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) खण्ड अंबिकापुर में कार्यरत एक ठेकेदार द्वारा भुगतान में विलंब को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह करने की चेतावनी देने की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में ठेकेदारों ने जल जीवन मिशन के तहत सरगुजा जिले में हो रहे कार्यों को पूर्ण करने के बाद भी भुगतान नहीं करने और लखनपुर क्षेत्र के उप अभियंता द्वारा ठेकेदारों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को पीएचई कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। इनके द्वारा उप अभियंता को हटाने की मांग की गई। ठेकेदारों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और भुगतान नहीं किया गया तो सभी ठेकेदार पीएचई विभाग के कार्यालय में 30 मार्च को तालाबंदी कर सकते हैं। इसी तिथि पर एक-दो ठेकेदारों ने आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी है। प्रकरण में विभाग ने अपना दामन बचाने के लिए संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करके जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार रजनीकांत ने 27 मार्च को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को दिए पत्र में आरोप लगाया है कि जल जीवन मिशन अंतर्गत किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर देयक तैयार करने के लिए अग्रिम कमीशन की मांग, ब्लैकमेलिंग एवं मानसिक प्रताडऩा जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ठेकेदार का कहना है कि लगभग 65 लाख रुपये के कार्य के एवज में अब तक केवल 22 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है, शेष राशि एक वर्ष से लंबित है। पत्र में ठेकेदार ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो वे 30 मार्च को दोपहर एक बजे पीएचई कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे। इसके बाद 28 मार्च को ठेकेदारों ने पीएचई कार्यालय में हल्ला बोलकर अपनी बातों की ओर जिम्मेदार विभागीय अधिकारी का ध्यानाकर्षण कराया। इनके द्वारा लखनपुर क्षेत्र के उप अभियंता धर्मेन्द्र सिंह पर ठेकेदारों का देयक जान-बूझकर तैयार नहीं करने का आरोप लगाते हुए उप अभियंता को क्षेत्र से हटाने और कार्रवाई की मांग की गई।

ठेकेदारों ने कहा-लम्बे समय से हैं परेशान
ठेकेदार सतेन्द्र जायसवाल का कहना है कि विभाग में काम करने के बाद भुगतान नहीं होने से वे लम्बे समय से परेशान हैं। उप अभियंता धर्मेन्द्र सिंह के विरूद्ध वर्ष 2022 से शिकायत करने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ठेकेदार रजनीकांत अग्रवाल ने बताया कि लखनपुर क्षेत्र के जुड़वानी का काम पूर्ण होने के बाद 65 लाख में मात्र 22 लाख का ही भुगतान किया गया है। उप अभियंता का कहना है कि स्टीमेट गलत बन गया था, भुगतान नहीं होगा। ऐसे में वे एक साल से परेशानी झेल रहे हैं। ठेकेदार धनंजय तिवारी ने सीधे विभाग पर ठेकेदारों को प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदारों से अनुबंध से अधिक का कार्य कराने के बाद स्टीमेट गलत बनने की बात कहकर भुगतान में टालमटोल किया जा रहा है। ठेकेदार भीमराज गर्ग का कहना है कि उनके द्वारा लखनपुर के ग्राम मांजा में जल जीवन मिशन का 2 करोड़ 15 लाख का काम 95 प्रतिशत पूर्ण कर दिया गया था। सडक़ चौड़ीकरण के दौरान उनके द्वारा बनवाए गए स्टैंड पोस्ट व पाइपलाइन को सडक़ निर्माण करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। जिम्मेदारों को इससे अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और ना ही उन्हें भुगतान किया गया। ऐसे में कोई भी ठेकेदार लखनपुर क्षेत्र या उक्त उप अभियंता के कार्य क्षेत्र में काम करने के लिए किसी भी निविदा में भाग नहीं लेंगे।

 

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