संगठन सृजन अभियान के तहत एआईसीसी व पीसीसी के आब्जर्वर आज नगर में
रामानुजनगर। कांग्रेस पार्टी के संगठन सृजन अभियान के तहत सूरजपुर जिलाध्यक्ष के लिए एआईसीसी व पीसीसी के आब्जर्वर 12 अक्टूबर को रामानुजनगर पहुंचेंगे। दो दिवसीय दौरे पर आ रहे आब्जर्वर जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी ब्लाकों में जाकर पार्टी के नेता कार्यकताओं से रायशुमारी करेंगे, इसके बाद रिपोर्ट दिल्ली भेजा जाएगा। नवंबर तक कांग्रेस पार्टी को नया जिलाध्यक्ष मिल पाएगा। कांग्रेस के सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि पार्टी के एक गुट ने एक बार पुन: भगवती राजवाड़े को रिपिट करने का मन बना लिया है, या फिर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े का नाम पहले से लगभग तय कर लिया गया है। लगातार राजवाड़े समाज को कमान दिए जाने को लेकर अन्य समाज के दावेदार नेताओं में नाराजगी की चर्चा भी जमकर हो रही है।
वर्ष 2018 से 2023 तक एक बड़े बहुमत के साथ कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ में सरकार चलाने के बाद 2023 के आम चुनाव में सरगुजा संभाग में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा और वह सरगुजा की सभी सीटें हारकर सरकार से बाहर हो गई। आंतरिक गुटबाजी के कारण तगड़ा झटका खाने के बाद कांग्रेस पार्टी अब सृजन अभियान चलाकर संगठन को पुन: जिंदा करने का प्रयास कर रही है। इसी संगठन चुनाव को लेकर आब्जर्वर यहां पहुंच रहे हैं, इसे लेकर कांग्रेस पार्टी में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी में जिलाध्यक्ष बनने आधा दर्जन से अधिक नेता दावेदारी कर रहे हैं, जिनमें वर्तमान जिलाध्यक्ष भगवती राजवाड़े, अश्विनी सिंह, शशि सिंह, नरेश राजवाड़े, रामकृष्ण ओझा, संजय डोसी, सुभाष गोयल, रामचंद्र यादव, अशोक जगते, मेंहदी यादव आदि का नाम शामिल हैं।
पर्यवेक्षक विभिन्न संगठनों की लेंगे राय
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक विकास ठाकरे तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी से छन्नी साहू, द्वारिकाधीश यादव व अमितेश शुक्ल द्वारा डॉक्टर, वकील, पत्रकार विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों के अलावा कांग्रेस पार्टी के नेता कार्यकताओं से वन-टू-वन बात करके उनकी राय लेंगे। बताया जा रहा है कि छह नामों का पैनल प्रदेश में भेजा जाएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा इसे शार्टलिस्ट कर दो नाम दिल्ली भेजा जाएगा। इधर जिलाध्यक्ष के दावेदारों के बीच अलग-अलग राय सुनने को मिल रहा है। रामानुजनगर के शिवपुर में पिछले दिनों पार्टी के कुछ प्रमुख लोगों की हुई एक बैठक को लेकर चर्चा है कि एक बार पुन: राजवाड़े समाज को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाएगी तो जिले में अच्छा खासा वोट-बैंक रखने वाले गोड़ समाज, साहू समाज का क्या होगा। वहीं किसी दावेदार द्वारा आवेदन लिए जाने की प्रक्रिया को गलत बताते हुए कार्यकताओं के पार्टी के लिए योगदान व उसके कार्यक्षमता के आधार पर दायित्व दिए जाने की बात कही जा रही है। बड़ी बात यह है कि शशि सिंह जिसे पार्टी ने गत लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया था, उसने चुनाव में बहुत मजबूती से चुनाव लड़ा और अच्छी टक्कर दी थी। वर्तमान में वे युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव हैं और राष्ट्रीय सचिव जैसे पद को छोड़कर जिले के संगठन को मजबूत करने के इरादे से जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रही हैं।
बयान
फोटो-विंध्येश्वर शरण सिंहदेव मेल में
* आवेदन की प्रक्रिया सही नहीं है, इससे गुटबाजी बढ़ेगी। कार्यकताओं के काम के आधार पर आंकलन कर सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष का चयन होना चाहिए। वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव के बाद आज तक समीक्षा बैठक नहीं हुई, है। हार के पीछे के कारणों की समीक्षा होनी चाहिए। मुझे पुन: पार्टी दायित्व देती है, तो पूरी जिम्मेदारी से संगठन को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे।
विंधेश्वर शरण सिंहदेव, पूर्व जिला अध्यक्ष
फोटो-भगवती राजवाड़े मेल में
* एआईसीसी/पीसीसी से नियुक्त पर्यवेक्षक आ रहे हैं, वे दो दिन तक जिले के सभी ब्लाकों में दौरा करके विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों, चिकित्सक, लायर, पत्रकार तथा जिला व ब्लाक के पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं से उनका अभिमत लेंगे।
भगवती राजवाड़े, जिलाध्यक्ष सूरजपुर

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