संगठन सृजन अभियान अंतर्गत सरगुजा कांग्रेस अध्यक्ष के लिए रायशुमारी करने पहुंचे पर्यवेक्षक
अंबिकापुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन सृजन अभियान के तहत शनिवार से सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के लिए रायशुमारी शुरू हो गई है। इसके लिए एआईसीसी के झारखंड राज्य कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में 4 सदस्यीय कमेटी अंबिकापुर में है। रायशुमारी के लिए पहुंचे दिग्गज ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को परखेंगे और जिला से लेकर बूथ और ब्लॉक लेबल तक किसकी, कितनी भागीदारी है, इसका आंकलन करके जिम्मेदारी तय की जाएगी। कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर तेज सरगर्मी के बीच शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन में काफी गहमागहमी बनी रही।
रायशुमारी का सिलसिला शुरू होने के पहले सरगुजा और जशपुर जिले के पर्यवेक्षक एवं झारखंड के पूर्व पीसीसी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कांग्रेस संगठन में अध्यक्ष पद की नियुक्ति में 50 वर्ष उम्र से नीचे के लोगों को तवज्जो देने के परिप्रेक्ष्य में कहा कि लोग किसे स्वीकार करते हैं, यह देखना जरूरी है। संगठन में लगातार जमीनी स्तर पर काम करने वालों और इनके अनुभव का भी ख्याल रखा जाएगा, जिससे किसी को यह एहसास न हो, कि उन्हें अलग-थलग कर दिया गया है। हमें सिर्फ जिले का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में दमदार संगठन बनाना है। प्रयास रहेगा कि सभी को साथ लेकर चलें, जिससे संगठन सृजन के मुकाम पर पहुंचेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि संगठन के संचालन में उम्र मायने नहीं रखता, जोश होना जरूरी है। पार्टी की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर किसी प्रकार का निर्णय लिया जाएगा, कार्यकर्ताओं के अलावा समाज के सभी वर्गों के साथ होने वाला रायशुमारी निर्णायक होगा। ग्रामीण स्तर तक किसकी, कितनी पैठ है, इसे भी ध्यान में रखा जाएगा। राष्ट्रीय नेताओं के निर्देशन में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नेतृत्व का चयन जमीनी कार्यकर्ताओं की रायशुमारी से करने का मकसद जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के फार्मूला को अपनाना है। संगठन सृजन अभियान में 50 प्रतिशत नए और 50 वर्ष से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा। संगठन सृजन का उद्देश्य कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने के साथ कार्यकर्ताओं का जनसमस्याओं से जुड़ाव और उन्हें आम लोगों के दुख-सुख में सहभागी बनाना है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी व एआईसीसी के पदाधिकारियों ने अहमदाबाद में हुए अधिवेशन में निर्णय लिया था कि 2025 संगठन सृजन का वर्ष होगा। अभियान की देशभर के कई राज्यों में शुरू और संपन्न हो चुका है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में पर्यवेक्षक भेजे गए हैं, जो पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं, मंत्री, पूर्व मंत्री, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित समाज के हर वर्ग से संगठनात्मक दृष्टिकोण से रायशुमारी करेंगे। कांग्रेस संगठन कैसा चल रहा है, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कैसा काम कर रही है, इसे जानने और समझने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस संगठन में आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत महसूस की और कहा कि जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले नेतृत्व की जरूरत है, जो जनहित की लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा संगठन सृजन दौरान कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यों के बीच किसकी, कैसी भूमिका रही है, इसे बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करके आंका जाएगा। इस दौरान संगठन सृजन अभियान में शामिल छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धनेंद्र साहू, भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मंडावी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व संगठन मंत्री अमरजीत चावला के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, शफी अहमद, खेलसाय सिंह, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता, अजय अग्रवाल, जेपी श्रीवास्तव, भानुप्रताप सिंह, अनूप मेहता, अशफाक अली सहित अन्य उपस्थित थे।
परखेंगे…कौन सिर्फ नेता से जुड़ा
राजेश ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने 11 सौ किलोमीटर न्याय यात्रा निकालकर जिसकी जितनी आबादी, उतनी हिस्सेदारी महसूस किया है, इसका ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा विपक्ष में रहने के कारण पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है। संगठन सृजन अभियान के तहत गहन संवाद के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट भेजा जाएगा। ब्लाक के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं तक पहुंच सुनिश्चित करके यह जानेंगे कि कौन सिर्फ नेता से जुड़ा है, या जनता, कार्यकर्ता से किसका अधिक जुड़ाव है। उद्देश्य की पूर्ति के लिए हर वर्ग के लोगों से वे मिलेंगे।
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संगठन सृजन कार्यक्रम, कार्यकर्ताओं के पसंद की पड़ताल-सिंहदेव
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का संगठन सृजन कार्यक्रम इस बात की पड़ताल है कि कार्यकर्ताओं की पसंद क्या है। इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी नेतृत्व की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि झारखण्ड राज्य के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष जैसे कद के व्यक्तित्व को सरगुजा और जशपुर जैसे दो जिले में संगठन सृजन की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन सृजन के माध्यम से सरगुजा जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की राय पर्यवेक्षक के माध्यम से जल्द ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों में परिलक्षित होगी।

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