01 वर्ष में 2071 पीड़ितों की जांच, 1544 मरीजों में सुनने की क्षमता में कम पाई गई
अंबिकापुर। राष्ट्रीय बधिरता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वर्ष भर सुनाई से संबंधित 2071 जांच किए गए, जिसमें 1544 मरीजों में सुनाई से संबधित क्षमता में कमी पाई गई। सुनाई क्षमता में कमी का प्रमुख कारण संक्रमण ध्वनि प्रदूषण व कान में आई चोट होना पाया गया है। वहीं 5 वर्ष से कम उम्र की आयु में श्रवण क्षमता में कमी का कारण अनुवांशिकी या 05 वर्ष तक बच्चों के श्रवण क्षमता पर ध्यान न देना व समय पर इलाज नहीं कराना है।
डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता नोडल अधिकारी राष्ट्रीय बधिरता नियंत्रण कार्यक्रम सरगुजा ने बताया कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बधिरता को काक्लियर इम्पलांट के माध्यम से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में काक्लियर इम्पलांट के लिए अधिष्ठाता द्वारा अभियान चलाकर कार्य करने की बात कही गई। शासन के मंशा अनुरूप सभी काक्लियर इम्पलांट के योग्य बच्चों के लिए बाल श्रवण योजना के तहत ऑपरेशन की सुविधा निकट भविष्य में चिकित्सा महाविद्यालय में शुरू की जाएगी। काक्लियर इम्पलांट बच्चों को चिन्हांकित कर नवीन स्पीच थैरेपी सेन्टर के माध्यम से 6 महीने तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पहले सप्ताह में एक दिन होता था, अब ये सुविधा सोमवार से शनिवार तक प्रत्येक दिवस मिलेगी। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एक दिन के उम्र के बच्चों से लेकर बड़ों की श्रवण जांच क्षमता से संबंधित सभी ऑडियोमेट्री जांच पूर्णत: नि:शुल्क उपलब्ध है। संयुक्त संचालक सरगुजा संभाग अंबिकापुर डॉ. अनिल कुमार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0-18 वर्ष में सुनने की क्षमता की जांच अनिवार्य रूप से कराने की बात कही है।
विश्व श्रवण दिवस पर स्पीच थैरेपी सेन्टर का उद्घाटन
विश्व श्रवण दिवस, 03 मार्च को राष्ट्रीय बधिरता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत श्रवण क्षमता के बचाव के लिए जागरूकता संबंधित कार्यक्रम का आयोजन सप्ताह भर, 10 मार्च तक किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. अनिल कुमार व चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अविनाश मेश्राम के द्वारा नवीन स्पीच थैरेपी सेन्टर का उद्घाटन किया गया। श्रवण बाधित 5 मरीजों को समाज कल्याण विभाग के सहयोग से श्रवण यंत्र नि:शुल्क प्रदान किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या, सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी, डॉ. बी.आर. सिंह विभागाध्यक्ष नाक, कान, गला रोग, डॉ. जी.के. दामले, अस्पताल सलाहकार स्वास्ति शुक्ला, वशीउर रहमान, ऑडियोलॉजिस्ट अंकित कुमार सिन्हा, आभा साहू, सत्यप्रकाश पैकरा, मीना राव, संध्या साहू उपस्थित रहे।

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