गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत न हो, इस पर निगम की नई सरकार का है ध्यान
अंबिकापुर। नगर पालिक निगम की नवनिर्वाचित महापौर मंजूषा भगत व सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी ने पदभार संभालने के बाद बुधवार को गर्मी के मौसम में होने वाली पानी की किल्लत को देखते हुए तकिया स्थित वॉटर फिल्टर प्लांट की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। नगर निगम क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था सुचारू हो, इसके लिए अधिकारी-कर्मचारियों से तकनीकी जानकारी लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिया। इस दौरान नवनिर्वाचित पार्षदों की भी मौजूदगी रही।
बता दें कि अंबिकापुर में अमृत मिशन के तहत लगभग 114 करोड़ की लागत से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की बड़ी पहल की गई थी। इसकी वास्तविक स्थिति किसी से छिपी नहीं है। बड़ी परियोजना होने के बाद भी इसका क्रियान्वयन धरातल पर सही तरीके से नहीं हो पाया है, जिससे निगम क्षेत्र के कुछ इलाके में हर मौसम में पानी के किल्लत की स्थिति बनती है। गर्मी के मौसम में तो पानी के लिए कुछ चिन्हांकित इलाकों में लोग जूझते रहते हैं। अपना घर रहते हुए इन्हें पानी की सुविधा के लिए भटकना पड़ता है। कई लोग किराए का मकान छोड़ने के लिए विवश होते हैं। ऐसे हालातों से निजात दिलाने के लिए अब ट्रिपल इंजन की सरकार से लोगों की उम्मीद जुड़ गई है। निगम में पदभार संभालने के साथ जिस प्रकार वॉटर फिल्टर प्लांट के निरीक्षण को लेकर महापौर और सभापति ने रूचि दिखाई है, इससे उम्मीद है कि गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत न होने पाए, इसका ध्यान रखा जाएगा। भाजपा ने निकाय चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में भी पेयजल व सड़क को प्राथमिकता देने की बात कही है, इसके लिए त्वरित पहल भी की गई है।
चुनाव पूर्व सड़क सुधार की हुई थी पहल
हालांकि निकाय चुनाव के पूर्व ही सड़क मार्ग सुधार के लिए तत्कालीन निगम की सरकार ने आनन-फानन में पहल शुरू कर दी थी। एनएच की सड़कों की दुर्गति को सुधारने के लिए तत्कालीन महापौर, सभापति सहित अन्य कभी एनएच पर तो कभी शहर के मध्य चक्काजाम की रणनीति बनाते रहे। इसका प्रतिफल यह रहा कि एनएच और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी हरकत में आए और पैबंद लगाने का काम इनके द्वारा शुरू किया गया था। वहीं पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मनेन्द्रगढ़ मार्ग, एनएच में बड़े-बड़े खड्डों को स्वयं की व्यवस्था से पाटने की पहल शुरू की थी, ताकि कुंभकर्णी निद्रा में सोए एनएच के अधिकारियों की नींद खुले।

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