उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति के भाई का जमानत कराने के नाम पर ठगी कर हो गया था फरार  


गिरजा ठाकुर
अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस को धोखाधड़ी एवं ठगी के मामले में शामिल अंतर्राज्यीय आरोपित को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पुलिस ने ठगी के आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेजा है। आरोपित के द्वारा जमानत कराने के नाम पर एक लाख 17 हजार 500 रुपये की ठगी की गई थी। इसके बाद और रकम की मांग आरोपित ने की। रुपये नहीं मिलने पर झूठे केस में फंसा देने की धमकी देने लगा। इसकी रिपोर्ट कोतवाली थाने में पीडि़त ने दर्ज कराई थी।  
बागपत उतरप्रदेश निवासी इमरान खान ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह उसके छोटे भाई का प्रकरण सिविल न्यायालय अंबिकापुर में लंबित है। इस सिलसिले में वे अंबिकापुर आया था और रैन-बसेरा बस स्टैंड में तीन अगस्त 2022 की रात को ठहरा था। इसी दौरान एक व्यक्ति जो उसके पास सोया था, वह बातचीत के दौरान उसके आने का कारण जाना और उसके भाई का जमानत कराने के नाम पर एक लाख 17 हजार 500 रुपये की ठगी कर लिया। पुलिस को उसने और रुपये देने, नहीं तो झूठे प्रकरण में फंसा देने की धमकी देने की भी जानकारी दी थी। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय यादव के मार्गदर्शन व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में कोतवाली प्रभारी रूपेश नारंग ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला व नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपित की पतासाजी शुरू की। इस दौरान ठगी में शामिल आरोपित जयप्रकाश मिश्रा थाना सोहागपुर मध्य प्रदेश का ठगी में शामिल होना सामने आया, पुलिस ने जब उसे हिरासत में लिया और पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार किया। ठगी की रकम से उसने आइटेल कंपनी का एक मोबाइल क्रय करना बताया। पुलिस ने इसे सबूत बतौर जब्त किया। पुलिस ने आरोपित को न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। कार्रवाई में कोतवाली के एसएचओ उपनिरीक्षक रुपेश नारंग, बस स्टैंड सहायता केंद्र प्रभारी अभिषेक पांडेय, आरक्षक मंटू गुप्ता शामिल रहे।

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