अंबिकापुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आरबी घोरे ने रविवार को आदर्श विद्यालय केदारपुर में विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि बिना लाइसेंस व बीमा के वाहन चलाना अपराध है, इससे चालक को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। यदि बिना लाइसेंस व बीमा के वाहन चलाते हुए दुर्घटना में कोई व्यक्ति घायल हो जाता है या मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार वालों को लाखों रुपये की क्षति पूर्ति की रकम चालक को देनी पड़तेीहै। उन्होंने कहा जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, उन्हें वाहन नहीं चलाना चाहिए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोगों को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए तथा अपना कार्य व आचरण ऐसा रखना चाहिए जिससे दूसरों को तकलीफ न हो। सभी लोग कानून का पालन करें। कानून का पालन करने वाला व्यक्ति एक अच्छा नागरिक बनता है। व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। यदि किसी के गरिमा या संपत्ति के साथ अन्याय हुआ है तो उन्हें न्याय की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा किसी भी अन्याय के खिलाफ अपराध बनता है कि नहीं इसकी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निश्शुल्क प्राप्त की जा सकती है। जिला न्यायालय परिसर में जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए स्थायी लोक अदालत कार्यरत है। इस मौके पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलिमा सिंह बघेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट रश्मि मिश्रा एवं जेनिफर लकड़ा ने मौलिक अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेन्द्र कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंतर्गत प्रदान की जाने वाली निश्शुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर अधिवक्ता विजय तिवारी, आरएन प्रसाद, कामेश्वर प्रजापति, जेपी गुप्ता, चंद्रेश नन्दन झा, बच्चू तिवारी, केके मिस्त्री, हेमंत कश्यप, कृष्ण विश्वकर्मा व हेमन्त तिवारी सहित विद्यालय स्टॉफ एवं बच्चे काफी संख्या में उपस्थित थे।

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