अंबिकापुर। प्रदेश सरकार के जनहितैषी घोषणा पत्र में पूर्णत: शराबबंदी को लेकर किए गए वायदों की याद दिलाने भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अंबिकापुर के गाड़ाघाट, खैरबार में स्थित शराब दुकान के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इसके पहले रैली निकाल कांग्रेस सरकार विरोधी नारे लगाए। इनका कहना था कि प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में पूर्णत: शराबबंदी का वादा किया था, लेकिन शासकीय शराब की दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने शराब दुकान का शटर गिरा दिया और विरोध प्रदर्शन करती रहीं। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष फुलेश्वरी सिंह ने कहा सत्ता में आने से पहले कांग्रेस सरकार ने घोषणापत्र में किए गए 36 वायदों में पूर्णत: शराबबंदी की बात कही थी, लेकिन शराबबंदी नहीं हो पाई है। भूपेश सरकार ने महिलाओं को छला है, युवा नशे के गर्त में जा रहे हैं। शराब की वजह से छेड़छाड़, दुष्कर्म जैसी घिनौनी घटनाएं आए दिन हो रही हैं। शराब सेवन से कई घर-परिवार उजड़ रहे हैं। दुर्घटना में कोई अपना बेटा खो रहा है तो कोई अपना पति। कई ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे सुनकर दिल दहल जाता है। मां-बहन-बेटी, भाई की सुरक्षा कर पाने में सरकार नाकाम है। सरकार सब कुछ अपनी आंखों से देखते हुए अपने वायदे को पूरा नहीं कर रही है। ऐसी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा शराब दुकान के सामने विरोध प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को अपने किए गए वायदों की याद भाजपा महिला मोर्चा दिला रही है। अगर सरकार पूर्ण शराबबंदी नहीं करती है तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश की महिलाओं के साथ महिला मोर्चा के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान मंजूषा भगत सहित काफी संख्या में महिला मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

वैक्सीन, दवा की जगह शराब की घर पहुंच सेवा
प्रदेश महिला मोर्चा की संयोजिका दीक्षा अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेसनीत भूपेश सरकार सत्ता में आने के पहले पवित्र गंगाजल को लेकर पूर्ण शराबबंदी की कसम खाई थी। देखने को यह मिला कि कोरोनाकाल में वैक्सीन और दवाओं की जगह शराब की घर पहुंच सेवा मिल रही थी, जो घोर निंदनीय है। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ की महिलाएं भाजपा महिला मोर्चा के बैनर तले शराब भ_ी को बंद कर सांकेतिक आह्वान कर सरकार को पूर्ण शराब बंदी का वायदा पूरा करने की याद दिला रही है, अगर सरकार इसे नजरअंदाज करती हैं तो पूर्ण शराब बंदी का वायदा हम पूरा कराएंगे।  


विरोध प्रदर्शन के बाद भी नहीं हटी शराब दुकान
शराब दुकान हटाने को लेकर कई बार महिलाओं ने समाज सेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने गंगापुर में धरना-प्रदर्शन किया, यहां से शराब दुकान तो नहीं हटा लेकिन रोजगार कार्यालय के नाम पर बनाए गए भव्य भवन से रोजगार कार्यालय जरूर कलेक्टोरेट के कंपोजिट बिल्डिंग में शिफ्ट हो गया। कई बार धरना-प्रदर्शन, तालाबंदी की नौबत बनी लेकिन शराब दुकान टस से मस नहीं हो पाया।

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