शांति-समिति की बैठक में शांति व भाईचारे को कायम रखते हुए पर्व मनाने का आग्रह
अंबिकापुर। अक्षय तृतीया व ईदुल फितर जिले में शांति व भाईचारे के साथ आगामी तीन मई को मनाई जाएगी। इस दौरान कोविड नियमों व सभा जुलूस आदि के लिए शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा। कलेक्टर संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कलेक्टर ने कहा कि गंगा-जमुना तहजीब को कायम रखते हुए सभी धर्मों का सम्मान करते हुए त्योहार मनाएं। आज के दौर में अफवाह फैलाने में सबसे ज्यादा घातक सोशल मीडिया है। बिना सच्चाई जाने कोई भी संदेश या सामग्री को फारवर्ड न करें और अपने संपर्क वालों को भी इसे बताएं। उन्होंने कहा कि दोनों त्योहार मनाने में जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा, इसी प्रकार की अपेक्षा समाज से भी है। जरुरत के अनुसार पुलिस बल, चिकित्सा, पानी, बिजली, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने जिला नगर सेनानी को फायर ब्रिगेड सहित एसडीआरएफ की टीम तैनात करने के निर्देश दिए। ईदगाह में नमाज के लिए जाने वालों के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था कलेक्टोरेट परिसर में करने तथा अक्षय तृतीया के अवसर पर निकलने वाली शोभा यात्रा के लिए भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह, नगर निगम आयुक्त विजय दयाराम के, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव, एसडीएम प्रदीप साहू, पार्षद द्वितेन्द्र मिश्रा, आलोक दुबे, दीपक मिश्रा, गीता रजक, करताराम गुप्ता, भारत सिंह सिसोदिया सहित समिति के अन्य सदस्य व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पुलिस प्रशासन रहेगा सख्त-
अत्तिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने कहा कि त्यौहार के दौरान पुलिस सतर्क रहेगी। किसी प्रकार का धर्मिक सौहाद्र्र बिगाडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाज के लोग पुलिस का सहयोग करें पुलिस हमेशा लोगों के साथ है।
शर्तों का करना होगा पालन-
कलेक्टर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा शोभायात्रा, जुलूस, रैली, धरना आदि के दौरान कानून व्यवस्था व शांति बनाए रखने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं जिसमें आयोजकों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।
ये हैं शर्तें-
धार्मिक आयोजन में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को अनुमति पत्र की समस्त शर्तों का पालन करना होगा। जिला प्रशासन और पुलिस बल का पूरा सहयोग मिलेेगा। आयोजन के मार्ग और स्थल पर कानून और शांति व्यवस्था पूरी तरह से बनाकर रखी जाएगी। निर्धारित स्थल पर ही वाहनों की पार्किंग की जाएगी। कोई भी व्यक्ति जिसमें आयोजक भी शामिल हैं, जुलूस या सभा में नशीला पदार्थ या कोई अन्य खतरनाक पदार्थ नहीं ले जाएगा। आयोजन में नफरत फैलाने वाला भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा। आयोजन के दौरान आम जनता की सुविधा के लिए यातायात और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाएगा। पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी की जाएगी और रिकॉर्डिंग की एक प्रति जुलूस या सभा के बाद दो दिनों की अवधि के भीतर एसडीएम को प्रस्तुत की जाएगी। लाउडस्पीकर आदि का प्रयोग जुलूस या सम्मेलन समय के दौरान प्रतिबंधित डेसीबल सीमा पर किया जाएगा। आयोजन में शामिल होने या बने रहने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा। अनुमति में दिए गए समय व स्थल पर आयोजन समाप्त किया जाएगा। आयोजन में शामिल होने वाली संख्या के अनुसार कम से कम पांच प्रतिशत वालंटियर रखना होगा, जो पुलिस व प्रशासन को सहयोग करेंगे। आयोजन में शामिल होने वाले के लिए भोजन, पानी व चिकित्सा सुविधा आयोजन स्थल पर सुनिश्चित की जाएगी। आयोजन में किसी भी पशु या पक्षी का उपयोग नहीं किया जाएगा। आयोजन में लाठी, डंडा, हथियार या आग्नेय अस्त्र किसी को भी रखने की अनुमति नहीं होगी। व्यवस्था में लगे पुलिस, प्रशासन या अन्य शासकीय अधिकारी से दुव्र्यवहार या काम में व्यवधान नहीं किया जाएगा। आयोजन के दौरान किसी भी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को क्षति नहीं पहुंचाई जाएगी। किसी भी कंडिका का उल्लंघन होता है तो समिति एवं आवेदक इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जवाब देह होंगे, उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अनुमति प्राप्त नहीं होने पर आयोजनकर्ता किया प्रकार का आयोजन नहीं करेंगे। यदि किया जाता है तो आयोजक या आवेदक पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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