सम्मेलन में सामने समस्याओं तथा उनके निदान के सुझावों का प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा
अंबिकापुर। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर कई दशकों से ट्रेड यूनियन कौंसिल छत्तीसगढ़ के द्वारा श्रमिक महा सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में 11 अति उत्कृष्ट श्रमिकों को श्रम-श्री के सम्मान से अलंकृत किया जाता है। सम्मेलन में सभी क्षेत्रों से श्रमिक प्रतिनिधि भाग लेते हैं। कोरोनाकाल में दो वर्षों तक उक्त आयोजन तो नहीं हो पाया लेकिन ट्रेड यूनियन कौंसिल ने इस दौरान श्रम-श्री सम्मान का वितरण कार्यालय के अलावा कार्यस्थलों तक जाकर किया था।
नगर के होटल एवलान में पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रेड यूनियन कौंसिल के प्रांताध्यक्ष डॉ.जेपी श्रीवास्तव व द्वितेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष भी राजमोहिनी देवी प्रांगण एक मई को पूर्वान्ह 10 बजे से श्रमिक महासम्मेलन आयोजित है, सम्मेलन के प्रथम सत्र में श्रमिक प्रतिनिधियों का पंजीयन कार्य होगा। इसके बाद श्रमिकों की समस्याओं के निदान पर गहन चर्चा होगी। यह चर्चा श्रमिक प्रतिनिधियों में वर्गवार होगी। श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच ग्रुप डिस्कर्सन होगा। सम्मेलन में आई समस्याओं तथा उनके निदान के सुझावों का प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। प्रथम सत्र के कार्यक्रम में ट्रेड यूनियन कौंसिल के पदाधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रमिक प्रतिनिधि ही भाग लेंगे। इस सत्र में ही श्रमिकों को कानूनी जानकारी प्रदान की जाएगी तथा श्रमिकों के हित में बनी शासकीय योजनाओं तथा श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। एक बजे से सम्मेलन का द्वितीय खुला सत्र प्रारंभ होगा जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा अन्य संगठनों के पदाधिकारी भाग लेंगे। इस सत्र में अति उत्कृष्ट 11 श्रमिकों को श्रम-श्री के सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। यह खुला सत्र अपरान्ह 03 बजे तक चलेगा।
कौंसिल के प्रांताध्यक्ष डॉ.जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रेड यूनियन कौंसिल के द्वारा विगत वर्ष कई कार्य किए गए हैं, जिसमें प्रमुख मजदूरों को उनका भुगतान दिलवाना है। कई लोग निर्माण कार्य कराने के बाद श्रमिकों का तयशुदा भुगतान नहीं करते हैं, यह समस्या अधिकतर निर्माण के समय ढलाई कार्यों में होती है। विगत वर्ष कौंसिल द्वारा विधिक शिविरों का आयोजन किया गया है, इन शिविरों में श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों, शासकीय योजनाओं तथा श्रमिकों के पंजीयन संबंधी बिंदुओं पर विशेष जानकारी दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति का अभियान चलाया गया, जिसके बहुत सार्थक परिणाम सामने आए हैं। कौंसिल द्वारा जरूरतमंद श्रमिकों को ईलाज हेतु आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई तथा दवाईयों की व्यवस्था की गई। भूमिहीनों को शासकीय पट्टा दिए जाने की पहल की। शासन की ओर से कई लोगों को काबिज भूमि पर पट्टा उपलब्ध कराया गया है। कौंसिल द्वारा शिक्षाकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, मितानिनों तथा अन्य कर्मचारी तथा श्रमिक संगठनों के आंदोलनों में सदैव सहयोग तथा समर्थन दिया जाता रहा है। स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण एवं उनके स्वालंबन हेतु पुरजोर सहयोग दिया गया। स्व सहायता समूहों के ऋण माफी हेतु पहल की गई। अनेक समूहों की ऋण माफी भी सरकार द्वारा की गई है। आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री, विधायकों, मंडल अध्यक्षों तथा कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्षों ने पहुंचने की स्वीकृति दी है। आयोजन को लेकर श्रमिक संगठनों में काफी उत्साह रहता है। उन्होंने बताया श्रमिक स्वयमेव ही इस कार्यक्रम में अपनी भागीदार बनते हैं। विभिन्न श्रम संगठनों के लोग एकजुट होकर सम्मेलन में शामिल होते हैं। कौंसिल श्रमिक एवं कर्मचारी हित संवर्धन के अतिरिक्त सामाजिक क्षेत्र में विकास के लिये समर्पित भाव से कार्य कर रही है। सेवा और विकास ही कौंसिल का लक्ष्य है। इस दौरान केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंधक विजय यादव, आरके खरे, गोवर्धन मिश्रा, रमा शर्मा, आशीष वर्मा, अंचल ओझा, प्रमोद चौधरी, अनुक पटेल सहित ट्रेड यूनियन कौंसिल से जुड़े अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
रेलवे प्रशासन को जगाने बनेगी वृहद कार्ययोजना-
कौंसिल के प्रांताध्यक्ष डॉ.जेपी श्रीवास्तव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सघन आदिवासी अंचल है। यहां आवागमन का सबसे सस्ता एवं सुलभ संसाधन रेलमार्ग है। इस क्षेत्र में पैसेंजर रेल गाडिय़ों के बंद होने से क्षेत्र के लोग परेशान हैं। कौंसिल ने रेल मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर पूर्व में संचालित सभी ट्रेनों को यथावत संचालित करने का अनुरोध किया है। पत्रकारों के सुझाव पर उन्होंने कहा कि श्रमिक दिवस के आयोजन के बाद ट्रेनों का संचालन बंद होने से आमजनों को होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाने और ट्रेनों का संचालन पूर्ववत हो, इसके लिए विधिवत कार्ययोजना बनाकर रेलवे प्रशासन को जगाने का काम किया जाएगा।
चार दशकों से हो रहा श्रमिक महासम्मेलन-
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले में ट्रेड यूनियन कौंसिल छत्तीसगढ़ द्वारा श्रमिक महा समेलन और श्रम-श्री अलंकरण समारोह गौरवशाली परंपरा के तहत विगत चार दशकों से अनवरत रूप से आयोजित किया जा रहा है। विगत वर्ष 2020 एवं 2021 में कोरोना महामारी के कारण यह आयोजन नहीं हो सका। इन दो वर्षों में भी कौंसिल ने कोरोना काल में जन सेवा में समर्पितों को श्रम-श्री का सम्मान प्रदान किया। मेडिकल कॉलेज, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डाटा सेंटर) में जाकर 11 स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस कर्मियों एवं स्वच्छता कर्मियों को श्रम-श्री से अलंकृत किया गया। कोरोना काल में कौंसिल द्वारा लंबे समय तक पका हुआ भोजन, सूखा राशन तथा काढ़ा का वितरण किया गया। वर्ष 2020 में कौंसिल द्वारा 25,000 मास्क बनवा कर वितरित किए गए।


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