अंबिकापुर। कोतवाली थाना पुलिस ने हत्या के मामले में विधि से संघर्षरत बालक सहित 03 आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। रुपये के लेन-देन की बात पर विवाद की स्थिति बनने पर आरोपियों ने डंडा एवं हाथ मुक्का से मारपीट करके हत्या की घटना को अंजाम दिया था।
जानकारी के मुताबिक धरमपाल टेकाम ने कोतवाली पुलिस को गांव के चैकीदार संतु दास के साथ थाना आकर मौखिक जानकारी दी थी कि उसके चाचा का लडका सुटुल एक सप्ताह पूर्व बैकुण्ठपुर के तेन्दूपत्ता गोदाम में काम करने गया था। 02 मार्च को बैकुण्ठपुर से काम करके वापस घर आया और 03 मार्च को सुबह से ही बस्ती में घूम-घूमकर शराब पी रहा था। 04 मार्च को पड़ोसी महेश कुमार कश्यप बताया कि सुबह 06 बजे वह शौच के लिए महादेव स्थल के पास हैण्डपम्प में पानी भरने गया था, तो एक व्यक्ति का शव पड़ा नजर आया। गांव के चैकीदार, सरपंच के साथ महादेव स्थल पर गए तो शव सुटुल 25 वर्ष, निवासी ग्राम भकुरा का था, उसके हाथ में चोंट का निशान था और पैंट में खून लगा था। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया था। जांच में जुटी पुलिस ने पाया कि 03-04 मार्च की दरम्यानी रात से सुबह के बीच सुटुल के साथ अजय पैकरा, छत्रपाल एवं विधि से संघर्षरत बालक द्वारा पैसे के लेन-देन को लेकर गाली-गलौज और बांस का डण्डा, हाथ-मुक्का, लात से मारपीट किया है, जिससे उसकी मौत हुई है। इसके बाद पुलिस ने धरमपाल की रिपोर्ट पर धारा 103, 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर किया और आरोपियों विधि से संघर्षरत बालक, अजय पैकरा उर्फ जर्रा पिता कटहर राम पैकरा 19 साल, छत्रपाल पिता राम अवतार 20 साल, दोनों निवासी भकुरा चट्टीपारा ने अपने कथन में बताया कि तीनों मृतक के साथ पूर्व में काम किए थे। काम के बाद मिले पैसों को लेकर आपस में वाद-विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर उन्होंने सुटुल से मारपीट और मृत्यु होने पर शव को वहीं छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने आरोपी अजय पैकरा व छत्रपाल को न्यायालय के समक्ष वहीं विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर पाण्डेय, प्रधान आरक्षक सोमार साय, आरक्षक मंटू गुप्ता, शिव राजवाड़े, प्रमोद टेटे, अमर सिंह सक्रिय रहे।

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