कार्यकर्ता को पद से पृथक करने की जा रही कार्रवाई, सहायिका को चेतावनी पत्र, सेक्टर सुपरवाइजर को नोटिस

अंबिकापुर। महिला बाल विकास परियोजना उदयपुर अंतर्गत सेक्टर डांडगांव के आंगनबाड़ी केन्द्र चारपारा-सलवा एवं डांडगांव बाजारपारा के संबंध में प्राप्त शिकायत की जांच हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी जेआर प्रधान औचक केन्द्र में पहुंचे। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र चारपारा-सलवा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित पाई गईं, परन्तु केन्द्र में एक भी हितग्राही उपस्थित नहीं पाए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्र डांडगाव हरिजनपारा बाजारपारा के निरीक्षण दौरान केन्द्र बंद पाया गया, साथ ही कार्यकर्ता एवं सहायिका केन्द्र में उपस्थित नहीं पाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यकर्ता नियमित रूप से केन्द्र नहीं आती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा रेडी टू ईट फूड एव गर्म भोजन भी नियमित प्रदाय नहीं किया जाता है। आंगनबाड़ी केन्द्र मे मिलने वाली रेडी टू ईट फूड एवं गर्म भोजन की सामग्री को कार्यकर्ता अपने घर पर रखती है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि आंगनबाड़ी सहायिका बच्चों को बुलाने नहीं जाती हैं। निरीक्षण के दौरान शिशुवती महिला से भी चर्चा की गई। महिला द्वारा बताया गया कि उन्हें नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में रेडी टू ईट प्राप्त नहीं होता है। 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों से चर्चा करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उनके बच्चों के लिए भी रेडी टू ईट नहीं मिलता है। उक्त शिकायतों के आधार पर आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता को पद से पृथक करने की कार्रवाई की जा रही है एवं आंगनबाड़ी सहायिका को चेतावनी पत्र तथा सेक्टर सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जिला पंचायत सदस्य ने जताई नाराजगी
जिला पंचायत सदस्य एवं महिला बाल विकास समिति की सभापति राधा रवि ने आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती जा रही लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। विशेष रूप से ग्राम पंचायत डांडगांव हरिजनपारा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केशरानी की अनदेखी से गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और छोटे बच्चों को पोषण आहार का नहीं मिलना, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाओं से वंचित होना पाया गया है। उन्होंने इसे सामाजिक उत्तरदायित्व की घोर उपेक्षा बताते हुए जिला प्रशासन व महिला बाल विकास विभाग से नियमित जांच, जवाबदेही तय करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंगनबाड़ी के संचालन में सुधार नहीं हुआ तो योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने ठोस कदम उठाया जाएगा।

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